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नीतीश कुमार ने सुनाया किस्‍सा…कॉलेज कैंपस में लड़की आती थी तो टीचर भी देखने लगते थे

नीतीश ने कहा कि जब इस कॉलेज में लड़कियों का एडमिशन शुरू हो गया तो हम लोगों को बड़ी खुशी हुई। सीएम ने कहा कि कॉलेज में जब इलेक्ट्रानिक्स और आर्किटेक्चर की पढ़ाई शुरू हुई तो यहां लड़कियों का दाखिला शुरू हो गया, और कुछ ही सालों में लड़कियों की संख्या काफी बढ़ गई।
NIT पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सेल्फी लेती एक छात्रा (फोटो-पीटीआई, 04-02-18)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को अपने कॉलेज दिनों की याद को ताजा किया। सीएम नीतीश कुमार बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (BCE) के छात्र रहे हैं। बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को अब अपग्रेड कर एनआईटी पटना कर दिया गया है। दरअसल नीतीश कुमार पटना में एनआईटी पटना के एल्युमनाई मीट के दौरान पहुंचे थे। कार्यक्रम में कॉलेज के कई नये-पुराने छात्र पहुंचे थे। हंसी-मजाक का माहौल था। इस दौरान सीएम ने अपने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने कहा, “उन दिनों यहां सिर्फ लड़के पढ़ते थे, लड़कियां नहीं पढ़ती थी, लेकिन अगर किसी कारण से कोई लड़की यहां दिख जाए तो स्टूडेंट्स तो छोड़िए, टीचर लोग भी उसको देखने लगते थे।” नीतीश ने कहा कि जब इस कॉलेज में लड़कियों का एडमिशन शुरू हो गया तो हम लोगों को बड़ी खुशी हुई। सीएम ने कहा कि कॉलेज में जब इलेक्ट्रानिक्स और आर्किटेक्चर की पढ़ाई शुरू हुई तो यहां लड़कियों का दाखिला शुरू हो गया, और कुछ ही सालों में लड़कियों की संख्या काफी बढ़ गई।

इस मौके पर नीतीश कुमार ने एनआईटी पटना के छात्रों और प्रोफेसरों को बिहार में बाढ़ के ट्रेंड और नदियों में जमा होने वाले गाद पर अध्ययन करने को कहा। सीएम ने कहा कि अगर इस बावत कॉलेज को आर्थिक मदद समेत हर तरह की मदद की जरूरत होगी तो राज्य सरकार उसे मुहैया कराएगी। सीएम ने कहा कि इस अध्य्यन को कर एनआईटी पटना अपनी एक अलग पहचान बना सकता है।इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि एनआईटी पटना का नया परिसर जल्द विकसित किया जायेगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए धन का आवंटन किया है।

नीतीश ने कहा कि केंद्र सरकार ने इसके लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि पहले यहां विद्यार्थियों की क्षमता 500 हुआ करती थी लेकिन आज इसकी क्षमता 3500 हो गई है। अब इस कॉलेज के नए साइट के लिए 125 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। आवंटित भूमि पर 6000 छात्रों की क्षमता वाले संस्थान का तीन चरण में निर्माण किया जाना है। नीतीश ने कहा कि बिहार कालेज आफ इंजीनियंरिंग कॉलेज के रुप में वर्ष 1924 से स्थापित हुआ था। आज यह एनआईटी के रुप में स्थापित है। इसके लिए उन्होंने वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री के रुप में रहते हुए व्यक्तिगत तौर पर काफी प्रयास किया था।

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  1. Navin Mange
    Feb 6, 2018 at 8:39 am
    काबेलियत नहीं आरक्षण से निजी क्षेत्र को बरबादी की तरफ ले जायेगा ओर निजी क्षेत्र उन कर्मचारियों को कुछ ना करने की सेलेरी भी देगा क्यों की खुद की गुडविल खराब नहीं करना है
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