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बिहार: नोटबंदी के बाद गया के एक बैंक में 50 फर्जी खाते खोलकर जमा किए गए 100 करोड़ रुपये

नोटबंदी के बाद गया में नक्सलियों ने फर्जी बैंक खाते खोलकर करवाया करोड़ों रूपया जमा। आयकर विभाग की छापेमारी के बाद खुलासा हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। (AP Photo/Rajesh Kumar Singh, File)

बिहार के गया में नक्सलियों द्वारा करीब 50 फर्जी आकउंट खोलकर कथित तौर पर 100 करोड़ से अधिक रूपये जमा कराने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इन सभी खातों में पुराने नोट जमा कराए गए है। इस मामले में नक्सलियों के साथ कॉटन मिल मालिक मोती लाल के पैसे भी शामिल है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बीते मंगलवार को आयकर विभाग ने गया शहर के जीबी रोड स्थित बैंक आॅफ इंडिया की शाखा में छापा मारा।

जांच में यह बात सामने आई कि करीब 50 फर्जी अकाउंट खोले जाने के बाद 100 करोड़ से अधिक पुराने नोट इन बैंक खातों में जमा कराए गए है। हालांकि इस बात की पुष्टि अभी नहीं हुई के मिल मालिक मोती लाल के इसमें कितने पैसे शामिल है। वहीं आयकर विभाग के अधिकारी ने फिलहाल इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार किया है। आयकर विभाग मामले की गहरार्इ से जांच के लिए बैंक में लगे सीसीटीवी की फुटेज अपने साथ ले गई है।

इस मामले के खुलासे के बाद बैंककर्मियों से लेकर मिल मालिक तक सब शक के घेरे में हैं। बताया जा रहा है कि फर्जी बैंक खातों में ज्यादातर पैसा नोटबंदी के बाद जमा कराया गया है। नोटबंदी के बाद ऐसे तमाम मामले सामने आ रहे हैं जिनमें कालेधन को सफेद बनाने का काम किया जा रहा है। लगातार एक के बाद एक ऐसे मामले देखने को मिल रहे हैं। दूसरी ओर गलत तरीके से जमा नए नोटों को छापेमारी के जरिए पकड़ने का सिलसिला भी जारी है।

बता दें कि बुधवार को देश के 11 शहरों में छापेमारी की गई और जिसमें करीब 20 करोड़ जब्त किए गए इतना ही नहीं इनमें 4 करोड़ के नए नोट भी थे। जिन जगहों पर छापेमारी हुई उनमें महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा के कई शहर शामिल हैं। लेकिन नोटों की सबसे बड़ी बरामदगी बैंगलुरू में हुई। आयकर विभाग ने यहां से 2.89 करोड़ रूपये जब्त किए। आयकार विभाग के छापेमारी में जहां नोट बरामद हो रहे हैं वहीं लोगों की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है।

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