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पटना में निर्भया जैसा कांड: रेप नहीं कर सका तो प्राइवेट पार्ट में डाल दिया रॉड, महिला की मौत

डॉक्टरों के मुताबिक अधिक खून बह जाने की वजह से महिला की मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद महिला के प्राइवेट पार्ट के अंदरूनी जख्म का पता चलेगा।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

बिहार की राजधानी पटना जिले के नौबतपुर में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बुधवार (11 अक्टूबर) की देर शाम नौबतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में जब शौच करने के लिए 35 साल की एक महिला घर से बाहर निकली तो एक युवक ने पहले तो उसके साथ रेप करने की कोशिश की। जब आरोपी इसमें नाकाम रहा तो महिला के प्राइवेट पार्ट में रॉड डालकर फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान गांव के ही 22 साल के धीरज कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। मामले की छानबीन जारी है।

घटना के बाद पीड़ित महिला को नजदीकी नौबतपुर के प्राथमिक उपचार केन्द्र पर लाया गया। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखकर उसे पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया लेकिन उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक अधिक खून बह जाने की वजह से महिला की मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद महिला के प्राइवेट पार्ट के अंदरूनी जख्म का पता चलेगा। मृतक महिला का पति मजदूरी करता है। इस दंपत्ति के चार छोटे बच्चे हैं।

बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 की रात दिल्ली में एच चलती बस में पांच लोगों ने 23 साल की पैरा मेडिकल स्टूडेन्ट निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उसके बाद बहशीपन दिखाते हुए उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड और बोतल डाल दिए थे। इस दरिंदगी की वजह से उसकी आंतें बाहर निकल आई थीं। बाद में खून से लथपथ पीड़िता को बदमाशों ने दक्षिणी दिल्ली के महिपालपुर के पास वसंत विहार इलाके में चलती बस से नीचे फेंक दिया था। 13 दिन बाद जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार पीड़िता ने 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के एलिजाबेथ अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद पूरे देश में विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया था। मामले की गूंज संसद में भी सुनाई पड़ी थी।

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