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इतना असहाय कभी महसूस नहीं किया, बोले तेजस्वी यादव- अधिकारी नहीं उठाते फोन

कहा, हमने सर्वदलीय बैठक में सरकार को इस महामारी से निपटने के लिए 30 सकारात्मक सुझाव दिए थे, पर एक पर भी अहंकारी सरकार ने अमल नहीं किया। नीतीश सरकार की आम लोगों की तकलीफ दूर करने की कोई मंशा ही नहीं है।

Corona virus, covid-19बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव। (इंडियन एक्सप्रेस फाइल)

महाराष्ट्र, दिल्ली के बाद बिहार में कोरोना महामारी के तेजी पकड़ने से असहाय लोगों पर प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने अपनी लाचारी प्रकट की और सरकारी व्यवस्था पर गुस्सा उतारा। उन्होंने कहा, हमने सर्वदलीय बैठक में सरकार को इस महामारी से निपटने के लिए 30 सकारात्मक सुझाव दिए थे, पर एक पर भी अहंकारी सरकार ने अमल नहीं किया। नीतीश सरकार की आम लोगों की तकलीफ दूर करने की कोई मंशा ही नहीं है। सरकार बस विज्ञापन देकर और आंकड़ों को कम कर धूल झोंकने के फ़िराक में है।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “इतना असहाय, असमर्थ कभी अनुभव नहीं किया। एक इंसान होने के नाते चाहकर भी गुहार लगा रहे, मदद मांग रहे, तड़प रहे सभी ज़रूरतमंदों की मदद नहीं कर पा रहा हूं।” अस्पतालों में फोन लगवाओ तो जवाब आता है- “कुछ नहीं कर सकते सर! बेड नहीं है। इंजेक्शन नहीं है, ऑक्सीजन नहीं है। कैसे मदद करें?”

कहा, “अधिकारियों को फोन लगवाओ तो फोन बजते रह जाता है। कोई उठाता नहीं है। अधिकारी या तो सीएम की भी सुन नहीं रहे या मुख्यमंत्री को व्यवस्था दुरुस्त करने में कोई रुचि ही नहीं? कोई ऐसी डेडीकेटेड हेल्पलाइन नहीं है जहां लोग फोन कर रियल टाइम बेड,ऑक्सीजन या दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ले पाएं।”

राजद नेता बोले, “नागरिकों के लिए एक तरफ बेपरवाह व भ्रष्ट सरकारी व्यवस्था का अंधा कुआं है तो दूसरी तरफ काला बाज़ारी, मुनाफाखोरी और आंकड़ों की हेरा-फेरी। भ्रष्ट सरकार धृतराष्ट्र की तरह हाथ पर हाथ धरे बैठी है। लोगों को मरते छोड़ सरकार बस हेडलाइन मैनेजमेंट व मौत के आंकड़ों को कम करने में लगी है।”

तेजस्वी यादव ने कहा, “हमारी पार्टी और कार्यकर्ता लोगों की मदद कर रहे है, लेकिन एक सीमा के बाद ऑक्सिजन नहीं मिल पाती, अस्पतालों में बेड नहीं मिल पाते। हम सीमित संसाधनों के साथ लोगों की मदद करने के लिए आगे बढ़ते हैं तो हाथ ऊपर कर चुकी सरकार और उसकी भ्रष्ट सरकारी व्यवस्था दीवार बनकर रास्ता रोक देती है।”

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