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लालू के करीबी रहे सांसद पप्पू यादव बोले- घरवाले नहीं चाहते राजद अध्यक्ष निकलें जेल से बाहर

पप्पू ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, उन्होंने उन सीटों का नाम फिलहाल नहीं बताया।

राजद अध्यक्ष लालू यादव के साथ पप्पू यादव। (फोटो- एक्सप्रेस आर्काइव)

मधेपुरा से लोकसभा सांसद और जन अधिकार पार्टी के संरक्षक पप्पू यादव ने गुरुवार (13 सितंबर) को एक अटपटा बयान देते हुए कहा कि आज राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद जिस हाल में हैं, उसके लिए उनका परिवार ही जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद के परिवार के सभी लोग चाहते हैं कि उनका (लालू) सर्वनाश हो जाए। पटना में संवाददाताओं से मुखातिब पप्पू ने कहा, “राजद की पहचान लालू यादव से है और लालू के साथ ही राजद भी समाप्त हो जाएगा। आज लालू प्रसाद यादव जिस हाल में हैं, उसके लिए उनका परिवार जिम्मेवार है।” उन्होंने लालू प्रसाद के छोटे बेटे पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का नाम लिए बगैर कहा, “सोने का चम्मच लेकर अनुकंपा पर राजनीति करने वाले हमें एजेंट बताते हैं, जबकि आंदोलन के दौरान खुद सोने के कटोरे में खीर खाकर बाद में आते हैं।” पप्पू ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, उन्होंने उन सीटों का नाम फिलहाल नहीं बताया।

पप्पू ने कहा कि उन्हें (तेजस्वी को) पता होना चाहिए कि साल 1990 में लालू यादव की सरकार भाजपा के सहारे ही बनी थी। सांसद ने कहा, “मैं लालू प्रसाद का सम्मान करता हूं, लेकिन खुद उनके परिवार का एक भी सदस्य नहीं चाहता है कि वे जेल से निकले। सब चाहते हैं कि लालू का सर्वनाश हो जाए।” उन्होंने राजद पर भाजपा के साथ आंतरिक गठबंधन करने का आरोप लगाया और कहा, “राजद ने लगातार अल्पसंख्यकों व यादवों का इस्तेमाल और भाजपा का डर दिखाकर राजनीति की है। ऐसे लोग भी आज हमें एजेंट कहते हैं, जिससे अपना घर नहीं संभल रहा है।” उन्होंने कहा कि राजद और जद (यू) में दलाल लोग आज प्रवक्ता बने हुए हैं और इन्हीं प्रवक्ताओं ने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद को कमजोर किया है।

पप्पू ने साफ में शब्दों में कहा, “हम अनुसूचित जाति, जनजाति और अतिपिछड़ों के अधिकारों की रक्षा की राजनीति करते रहे हैं, उनके अधिकारों के साथ खड़े रहे हैं।” बता दें कि पप्पू यादव 2014 में राजद के टिकट पर ही मधेपुरा से चुनकर सांसद बने थे। उससे पहले भी वो राजद से चुनकर संसद पहुंच चुके हैं। 2015 के विधान सभा चुनाव से पहले उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली थी। सोमवार (10 सितंबर) को पप्पू यादव ने रोते-रोते आरोप लगाया था कि एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ बुलाए गए बंद के समर्थकों ने उनपर मुजफ्फरपुर के पास जानलेवा हमला किया था।

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