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द‍िल्‍ली में बीजेपी नेताओं से गुपचुप म‍िले थे लालू प्रसाद यादव, तभी से ह‍िल गए नीतीश कुमार?

2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान बिहार में धुरविरोधी रहे लालू और नीतीश एक साथ आ गए थे।
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने शुक्रवार, 23 जून को पटना में इफ्तार पार्टी दी थी। (फोटो- PTI)

राजद और जदयू के महागठबंधन में दरार की शुरुआत तभी हो गई थी जब लालू प्रसाद यादव दिल्ली में गुपचुप तरीके से बीजेपी नेताओं से मिले थे। न्यूज 18 के मुताबिक लालू का बीजेपी नेताओं से इस तरह से मिलना बिहार के सीएम नीतीश कुमार को नागवार गुजरा और उसी दिने से वो महागठबंधन को लेकर एक बार फिर से सोचने पर मजबूर हुए। न्यूज 18 ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि लालू वापस जेल जाने को तैयार थे लेकिन उन्हें अपने दोनों बेटों पर करप्शन के आरोपों के लिए चार्जशीट बनने की चिंता थी।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने सहयोगी राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के खिलाफ एक बार फिर से भ्रष्टाचार के मामले खुलने के बाद भी बिना आपत्ति के गठबंधन चलाने को तैयार थे। लेकिन लालू प्रसाद का इस तरह से भाजपा नेताओं से मिलना गठबंधन में ऐसी दरार कर गया जिसका भरना मुश्किल दिख रहा है।

कहा जा रहा है दिल्ली में बीजेपी नेताओं से मुलाकात में मुख्य भूमिका लालू के करीबी सांसद प्रेम चंद गुप्ता ने निभाई। लालू अपने बच्चों को बचाने के लिए इस महागठबंधन की बलि देने को भी तैयार हो गए थे। ये सारी बातें जब नीतिश कुमार को पता चलीं तो उन्होंने भी इस गठबंधन से बाहर निकलने का मन बना लिया। नीतीश कुमार एक सही मौके का तलाश कर रहे हैं जब वह लालू से अलग हो सकें। बीजेपी के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन करना नीतीश कुमार की इसी रणनीति का हिस्सा है।

आपको बता दें कि 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान बिहार में धुरविरोधी रहे लालू और नीतीश एक साथ आ गए थे। राजद और जदयू ने मिलकर महागठबंधन बनाया जिसने नीतीश कुमार को बिहार की सत्ता पर एक बार फिर से काबिज कर दिया। इस विजय के बाद नीतीश मुख्यमंत्री बने तो वहीं लालू ने अपने बेटे को उपमुख्यमंत्री बनवा दिया।

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  1. charu chandra Shukla
    Jun 29, 2017 at 12:39 pm
    " चोर चोरी से जाय हेरा फेरी से न जाये " लालू यादव, लालू यादव है वो अपने स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक गिर सकता है |
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