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बाढ़ राहत राशि को 3 माह से काट रहे थे चक्कर, अब CO ने रिश्वत को फैलाए हाथ! औरतों ने चप्पलों से पीट-पीटकर दिखाया आक्रोश

स्थानीय लोगों का आरोप है कि वे कई महीने से राहत राशि के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन 6 हजार में से 2 हजार की घूस मांगी जा रही है।

bihar flood, co beaten, chhapraबिहार राहत अनुदान नहीं मिला तो महिलाओं ने की सीओ की पिटाई।

बिहार में हर साल ही बाढ़ तांडव मचाती है और इसके बाद लोग राहत राशि लेने के लिए अगली बाढ़ तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटते रहते हैं। इसी तरह की त्रासदी झेलने वाली कुछ महिलाओं का गुस्सा फूटा तो पदाधिकारी की चप्पल औऱ थप्पड़ से पिटाई हो गई। मामला छपरा जिले के अमनौर ब्लॉक का है। लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से बाढ़ राहत राशि के लिए अंचल अधिकारी के कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। उनका आरोप है कि बना घूस लिए यहां राहत राशि भी नहीं दी जाती है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक कोरिया पंचायत के लोग राहत अनुदान राशि के लिए अमनौर ब्लॉक के सामने धरना दे रहे थे तभी सीओ इसी रास्ते से निकले। महिलाओं ने उन्हें घेर लिया और पिटाई शुरू कर दी। किसी ने चप्पल तो किसी ने थप्पड़ चलाने शुरू कर दिए। सूचना मिलने पर अमनौर के थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और बीच बचाव की कोशिश करने लगे। इसमें उन्हें भी चोटें आईं। लोगों में इतना गुस्सा था कि सीओ को घसीटते हुए लोग कार्यालय तक लेकर चले गए।

स्थानीय लोगों ने मीडिया को बताया कि बाढ़ में उनके घर तबाह हो गए। राशन पानी भी नहीं बचा। ऐसे में वह राहत राशि के लिए अंचल अधिकारी के कार्यालय में कई महीने से दौड़ लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि यहां के क्लर्स राहत राशि देने के लिए 30 प्रतिशत राशि की घूस मांगते हैं। लोगों के लिए कुल 6 हजार रुपये आता है औऱ इसमें से दो हजार बाबू लोग मांगते हैं।

बिहार में आपदा के बाद भ्रष्टाचार का खेल बहुत आम है। छपरा जिले में ही बाढ़ से लगभग 4 लाख लोग प्रभावित हुए थे। यहां 26 हजार किचेन चलाए गए थे जो कि ज्यादातर कागजों पर ही चले। इस बार बाढ़ प्रभावित लोगों पर कोरोना की वजह से दोहरी मार पड़ी है। बिहार का करीब 68 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र हर साल बाढ़ की त्रासदी को झेलता है। बाढ़ के बाद यहां जलजनित बीमारियां फैलती हैं जिनमें भी सैकड़ों की जान चली जाती है। चुनाव में इस बार बाढ़ और जसभराव की मुद्दा खूब गरम था लेकिन पिछले 67 साल में भी बिहार की हालत जस की तस है।

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