JDU spokesperson ajay alok defended his party from allegations of opposition parties - मुजफ्फरपुर: 34 बच्‍च‍ियों के रेप पर जेडीयू प्रवक्‍ता ने कहा- हमने उजागर क‍िया, हमारी तारीफ करे मीड‍िया - Jansatta
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मुजफ्फरपुर: 34 बच्‍च‍ियों के रेप पर जेडीयू प्रवक्‍ता ने कहा- हमने उजागर क‍िया, हमारी तारीफ करे मीड‍िया

बिहार के मुफ्फरपुर स्थित बालिका आश्रय गृह में हैवानियत का जखेल खेला जाता था। यहां रहने वाली लड़कियों की जिंदगी नर्क बन गई थी। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की टीम कशिश की रिपोर्ट में यहां रहने वाली लड़कियों के साथ हो रही दरिंदगी का खुलासा हुआ।

मुजफ्फरपुर के इस बालिका गृह से 34 लड़कियों के साथ रेप की पुष्टि हो चुकी है।

बिहार के मुजफ्फरपुर के बालिका सुधार गृह में 34 बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म के मामले पर विपक्ष नीतीश सरकार पर हमलावर है। इस मामले में हालांकि सीबीआई जांच की सिफारिश हो चुकी है। लेकिन विपक्ष इस मामले में सरकार को माफ करने के लिए तैयार नहीं है। राज्य सभा सांसद और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती ने संसद के बाहर आज तक को दिए बयान में कहा कि सीएम नीतीश कुमार को इस मामले में अंतरात्मा की आवाज पर इस्तीफा देना चाहिए।

वहीं आज तक के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए जेडीयू के प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक इस पर अपनी ही सफाई देते दिखे। अजय आलोक ने डिबेट में विपक्ष के सवालों पर कहा ,” इस मामले में जब टाटा इंस्टीट्यूट ने अपनी रिपोर्ट दी थी । उसके तुरंत बाद एक एनजीओ की रिपोर्ट आई थी। कुल दो महीने के भीतर ये प्रक्रिया पूरी की गई। इस पूरे मामले में हमने 24 घंटे के भीतर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। एक आरोपी दिलीप वर्मा अभी फरार है। ये पूरा मामला हमारी सरकार में हुआ।

लेकिन इसे पकड़ा भी हमने, कार्रवाई भी हमने की और एक्शन भी हम ही ले रहे हैं। लेकिन सवाल विपक्ष उठा रहा है। मीडिया और विपक्ष को तो हमें धन्यवाद देना चाहिए कि हम इस मामले में इतनी जल्दी सारी कार्रवाई पूरी कर पा रहे हैं।” वहीं जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने विपक्ष के आरोपों पर साफ कहा ,”इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश प्रारंभिक जांच के बाद ही दे दिए गए थे। मामले की गंभीरता को कम करने के लिए विपक्ष के लोग ऐसे आरोप लगा रहे हैं। जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।”

वैसे बता दें कि बिहार के मुफ्फरपुर स्थित बालिका आश्रय गृह में हैवानियत का जखेल खेला जाता था। यहां रहने वाली लड़कियों की जिंदगी नर्क बन गई थी। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की टीम कशिश की रिपोर्ट में यहां रहने वाली लड़कियों के साथ हो रही दरिंदगी का खुलासा हुआ। इसके बाद जब जांच शुरू की गई तो कई बातों पर से पर्दा हट रहा है। यहां रहने वाली 42 लड़कियों की जब पटना के पीएमसीएच में मेडिकल जांच की गई तो उस समय 29 बच्चियों के साथ रेप की बात कही जा रही थी।

लेकिन अब मुजफ्फरपुर की एसएसपी हरप्रीत कौर ने कहा कि 29 नहीं, बल्कि 34 बच्चियों के साथ बलात्कार हुआ है। इनमें सात वर्ष से लेकर 13 वर्ष की बच्ची तक शामिल है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि बलात्कार के बाद एक लड़की ने अपने हाथ की नस काटकर जान तक देने की कोशिश की। वहीं एक लड़की ने जब बलात्कार का विरोध किया और कमरे में आए एक व्यक्ति के सिर पर लकड़ी से हमला कर उसे घायल कर दिया तो उसके साथ दरिंदगी की गई। उसके प्राईवेट पार्ट को सिगरेट से दागा गया।

मामले का खुलासा होने पर बालिका गृह के संचालक ब्रजेश ठाकुर, रवि कुमार रौशन, किरण कुमारी सहित कुल 10 आरोपियों गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वहीं, एक अन्य आरोपी दिलीप कुमार अभी फरार है। वहीं, इस मामले में समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंदेश्वर वर्मा पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है। फिलहाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए सीबीआई से करने का निर्देश दे दिया है।

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