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बिहार के मेडिकल संस्थान ने कर्मचारियों से पूछा, क्या आप वर्जिन हैं? स्वास्थ्य मंत्री बोले- इसमें गलत क्या है

पटना में इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आईजीआईएमएस) के कर्मचारियों से संस्थान द्वारा एक विवादित सवाल पूछा गया।

हलफनामे में संस्थान ने कर्मचारियों से अपनी वर्जिनिटी का ब्योरा देने के लिए कहा। (फाइल फोटो)

पटना में इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आईजीआईएमएस) के कर्मचारियों से संस्थान द्वारा एक विवादित सवाल पूछा गया। हलफनामे में संस्थान ने कर्मचारियों से अपनी वर्जिनिटी का ब्योरा देने के लिए कहा। मामले में उठे विवाद के बाद अब बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने सफाई दी है। गुरुवार (3 जुलाई, 2017) को उन्होंने कहा कि वर्जिन का मतलब सिर्फ अविवाहित होने से है, फार्म में कर्मचारियों से कुछ भी आपत्तिजनक सवाल नहीं पूछा गया है। गौरतलब है कि मेडिकल संस्थान ने कर्मचारियों से फार्म में विवाह से जुड़ी जानकारी देने के लिए कहा था। फार्म में वर्जिन शब्द का इस्तेमाल किया गया था। जिसमें कर्मचारियों से मैरिटल स्टेटस में पूछा गया कि क्या आप बैचलर,विडो, वर्जिन हैं। भाजपा के समर्थन बनी बिहार की नई सरकार में मंत्री पांडे ने न्यूज एंजेसी एएनआई से कहा, ‘फार्म में जिस शब्द का इस्तेमाल किया गया उसका मतलब कन्या, कुंवारी से है। मुझे नहीं लगता कि इस शब्द में कुछ भी आपत्तिजनक है। फिर ये मुद्दा उठाया जा रहा है। मैंने आईजीआईएमएस के अधिकारियों से भी बातचीत की है। जिन्होंने बताया कि एम्स ये फॉर्मेट साल 1983 से इस्तेमाल कर रहा है। इस शब्द का इस्तेमाल देश के हर संस्थान में किया जा रहा है। पिछले 34 सालों से फार्म में इसी आधार पर सवाल पूछे जा रहे हैं।’

दूसरी तरफ जब आईजीआईएमएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट मनीष मंडल से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में निर्धारित नियमों के तहत आईजीआईएमएस एम्स के नियमों को पालन करता है। फार्म में वर्जिन का मतलब सिर्फ मैरिटल स्टेटस से है। नियम हमने नहीं सरकार और संविधान ने बनाए हैं। अगर वो इन शब्दों को बदल देंगे, तब हम भी इन्हें बदल देंगे।’ जानकारी के लिए बता दें कि आईजीआईएमएस संस्थान ने अपने कर्मचारियों से हलफनामे में मैरिटल स्टेटस बताने के लिए कहा है। फॉर्म में कर्मचारियों से पूछा गया है कि क्या वे वर्जिन हैं, उनकी बीवियां कितनी हैं, क्या वे बैचलर, विडो हैं।

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