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बिहार मे कोरोना: शिक्षण संस्थाएं 18 अप्रैल तक बंद, शाम 7 बजे तक ही खुलेंगी दुकानें; सीएम का फैसला- धार्मिक स्थलों पर भी रहेगी पाबंदी

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से अब धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। दुकान-मॉल शाम सात बजे तक ही खुले रहेंगे।

सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए बिहार सरकार के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रत्यय अमृत।

बिहार में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देनजर शिक्षण संस्थाएं 18 अप्रैल तक बंद रहेंगी। दुकानें और बाजार शाम सात बजे तक ही खोलने की इजाजत रहेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया है। निर्णय की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने देते हुए बताया कि जो इम्तहान पहले से घोषित है या चल रहे है वे कोविड-19 के नियम के तहत होंगे। संपूर्ण  लॉकडाउन लगाने की बात से फिलहाल उन्होंने इंकार किया है। साथ ही आवश्यक सेवाएं बैंक, अग्निशामक, दूरसंचार, अस्पताल जैसी सेवाएं चलती रहेंगी।

शुक्रवार को हुए  निर्णय के मुताबिक पहले 11 अप्रैल तक शिक्षण संस्थाएं बंद रखने का आदेश था, जो अब अगले एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई हैं। राजधानी में जल्द ही राज्यपाल  की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक होगी। इसकी तारीख बहुत जल्द तय हो जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक में कहा कि अभी लॉकडाउन पर विचार नहीं हुआ है, और न ही  नाइट कफ्यू लगाने का भी  अभी कोई विचार  है। तीस अप्रैल तक  हालात का जायजा लिया जाएगा।  इसके बाद आगे समीक्षा करेंगे और तब निर्णय लेंगे।

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि इस दौरान अब तमाम धार्मिक स्थल  श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। दुकान-मॉल शाम सात बजे तक ही खुले रहेंगे। होटल से भोजन बगैरह की होम डिलीवरी चालू रहेगी। होटल में क्षमता से  पचीस फीसदी एक साथ बैठाने की इजाजत होगी। सिनेमा हाल की क्षमता का 50 फीसदी ही उपयोग होगा। निजी दफ्तरों  में  भी 33 फीसदी कर्मचारी ही आएंगे। पब्लिक ट्रासपोर्ट में 50 फीसदी ही बैठेंगे।

प्रधान सचिव ने बताया कि 30 अप्रैल तक के लिए सरकार की नई गाइडलाइन शुक्रवार को जारी कर दी गई है। अंतिम संस्कार में 50 और विवाह और श्राद्ध  में  200 लोग ही शामिल हो सकेंगे।  सरकारी कार्यालयों में उप सचिव और ऊपर के अधिकारी कार्यालय आएंगे। बाकी के कर्मचारी 33 प्रतिशत की संख्या में एक दिन छोड़कर  कार्यालय आएंगे। मगर औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर यह नियम लागू नहीं होगा। पार्कों में प्रवेश  कोविड-19 के नियमों के तहत होगा।

ध्यान रहे कि बिहार में 6 अप्रैल को जहां 5925 मामले थे, वहीं 8 अप्रैल को बढ़कर 9357 हो गए। स्वास्थ्य महकमा की बुलेटिन के मुताबिक अबतक कोरोना से 1598 लोगों की मौतें हो चुकी है। जिनमें केवल पटना में 469 है। हालांकि ठीक होने वाले मरीजों का आंकड़ा 96.03 फीसदी बताया गया है। फिर भी अकेले पटना में सक्रिय मरीजों की संख्या 3836 है। इसी तरह भागलपुर 489, अररिया 105, औरंगाबाद 118, बेगूसराय 162, भोजपुर 136, गया 681, गोपालगंज 113, जहानाबाद 410, मुंगेर 217, मुजफ्फरपुर 388, नालंदा 158, समस्तीपुर 220, सारण 201 समेत बिहार के सभी 38 ज़िलों में मरीज सक्रिय है।

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