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बिहार का हाल: आईसीयू में कोरोना मरीजों के साथ बिस्तर पर परिजन, मरीजों के बीच पड़ी थी लाशें

लापरवाही पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार भगत हटाए गए। उपाधीक्षक डॉ. असीम कुमार दास नए प्रभारी बने।

Bihar, Bhagalpur, Corona Vaccinationबिहार के भागलपुर में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज अस्पताल का मुआयना करते स्वास्थ्य महकमा के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत।

देश में कोरोना पीड़ितों की संख्या जैसे-जैसे बढ़ रही है, वैसे-वैसे लोगों की परेशानियां भी बढ़ रही हैं। अस्पतालों में सुविधाओं का बुरा हाल है। इससे पीड़ितों और उनके परिजनों के सामने नई मुसीबतें खड़ी हो जा रही हैं। बिहार के भागलपुर में कोविड-19 के केसों में तेजी आने पर स्वास्थ्य महकमे के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत बुधवार को अचानक निरीक्षण करने पहुंच गए। जवाहरलाल नेहरू भागलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की कुव्यवस्था को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने लापरवाही पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार भगत को पद से हटाने का फरमान जारी कर दिया। उनकी जगह उपाधीक्षक डॉ. असीम कुमार दास को प्रभारी अधीक्षक बनाया गया है।

अस्पताल के आईसीयू वार्ड के निरीक्षण में उन्हें कोरोना मरीजों के साथ हर बेड पर दो-तीन परिजन मिले। वहां न तो कोई मास्क लगाया था और न ही सुरक्षित दूरी काे ही बनाए रखा गया। हैरत की बात कि 2 मरीजों की सुबह ही मौत हुई थी। उनकी लाशें भी जीवित लोगों के बीच वहीं पड़ी थी। यह देख प्रधान सचिव ने हैरानी जताते हुए जिम्मेदारों को जमकर फटकार लगाई। इस गैरजिम्मेदाराना रवैए पर अधीक्षक अशोक कुमार भगत को पद से हटाने के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का भी निर्देश दे दिया गया।

अस्पताल के नए प्रभारी बनाए गए उपाधीक्षक असीम कुमार दास चार्ज मिलते ही एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को सभी मरीजों का उचित तरीके से इलाज करने और समय पर देखभाल करने की हिदायत दी। साथ ही व्यवस्था दुरुस्त करने में लग गए है। उन्होंने यह भी कहा है कि अस्पताल आने वाले मरीजों की देखभाल में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। मरीजों को अस्पताल की ओर से दी जाने वाली दवाई, भोजन, नाश्ता और अन्य सुविधाओं में गड़बड़ी की शिकायत मिली तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हेलीकॉप्टर से भागलपुर हवाई अड्डा पहुंचने पर डीएम, सिविल सर्जन और जिले के वरीय अधिकारियों ने स्वागत किया। उन्होंने समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में ज़िले व प्रमंडल के आलाधिकारियों के साथ बैठक की। बिहार सरकार के प्रधान सचिव, परिवहन विभाग के सचिव और अन्य अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिले के ताजा हालात की जानकारी ली। बाद में वे अस्पताल में कोविड वार्ड का निरीक्षण किया और कोरोना के संक्रमण से बचाव को लेकर अधिकारियों को कई दिशा निर्देश भी दिए।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिले में कोरोना के संक्रमण के विषय में जिलाधिकारी से पूरी जानकारी ली गई है। जिला प्रशासन ने बेहतरीन कंटेनमेंट जोन बनाया है। टेस्टिंग और वैक्सीनेशन सही ढंग से हो रही है। कोरोना के दूसरे उठाव के बढ़ते प्रभाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग और बिहार सरकार चिंतित है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन करें। इस दौरान जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, एडीएम राजेश झा राजा, सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक भगत, एसडीओ आशीष नारायण, सिटी एसपी पूनम झा, डॉ. हेमशंकर शर्मा सहित कई अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे।

मालूम रहे कि बिहार में पिछले 24 घंटे में 1527 कोरोना के नए मामले सामने आए है। कुल 5925 मरीज सक्रिय है। इनमें सबसे ज्यादा पटना में 522 है। भागलपुर में 78, अरवल में 33, औरंगाबाद -31, बेगूसराय-27, भोजपुर-39, गया 128, गोपालपुर 31, जहानाबाद 68, मुंगेर 32, मुजफ्फरपुर 74, सहरसा 34, समस्तीपुर 30, सारण 33 नए मामले दर्ज किए गए है।

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