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नीतीश कुमार का ‘कमल प्रेम’ फिर उजागर, पहले भरा उसमें ‘भगवा रंग’ और दस्तखत कर लगा दी अपनी मुहर

पटना में आयोजित पुस्तक मेले के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कमल के प्रति प्रेम वर्षों बाद फिर से जाग गया।

Author Updated: February 4, 2017 7:05 PM
पटना पुस्तक मेले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कमल के फूल पर रंग भरते हुए

पटना में आयोजित पुस्तक मेले के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कमल के प्रति प्रेम वर्षों बाद फिर से जाग गया। इस बीच वो कमल के फूल की ड्राइंग पर लाल रंग भरते हुए और उस पर हस्ताक्षर करते हुए दिखे। दरअसल राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित बउआ देवी पटना पुस्तक मेले के दौरान एक कमल के फूल की ड्राइंग बनाई। उसके बाद उन्होंने सीएम नीतीश कुमार को उसपर ऑटोग्राफ करने को कहा। सीएम नीतीश कुमार को बउआ देवी का ड्राइंग इतना पसंद आया कि उन्होंने कमल के फूल की ड्राइंग पर लाल रंग भरकर हस्ताक्षर कर दिया। जिसके बाद अब इसके कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कमल के साथ नाता काफी पुराना है। वो 17 साल बीजेपी के साथ रहें। इस दौरान वो बिहार में करीब 7 साल बीजेपी के साथ मिलकर शासन भी किए। हालांकि, बीजेपी से अलग होने के बाद नीतीश कुमार ने अपने तेवर कड़े कर लिए और वो अब आलोचकों में शुमार किए जाते हैं।

बिहार में दस दिनों तक चलने वाला पुस्तक मेले की शुरुआत शनिवार को हो गई है। पटना के गांधी मैदान में आयोजित पुस्तक मेले का उद्घाटन सीएम नीतीश कुमार ने किया है। पुस्तक मेला 4 फरवरी से शुरू होकर 14 फरवरी तक चलेगा। पुस्तक मेले को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि अब बिहार पुस्तक मेले को अन्तर्राष्ट्रीय स्वरूप दिया जाना चाहिए। इस पुस्तक मेले में कुल आठ सौ से ज्यादा प्रकाशक हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह 23वां पुस्तक मेला है और इसका 1985 से आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के कारण लोगों की रुचि पुस्तक खरीदने में कम हो गई है। वैसे इस मेले लोग बड़ी संख्या में आते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार वही प्रदेश है जिसे लोगों ने प्रकाश पर्व और कालचक्र पूजा के दौरान देखा। उन्होंने कहा कि बिहार में ऐसे आयोजन बिना किसी राजनीति के किए जाते हैं।

नीतीश कुमार ने कहा कि प्रकाश पर्व के दौरान हमने जो किया वो हमारा धर्म और कर्तव्य था। बिहार वासियों ने भी प्रकाश पर्व के दौरान सराहनीय अनुशासन दिखाया। अप्रैल महीने से गांधी जी के याद में चम्पारण सत्याग्रह समारोह का शताब्दी समारोह मनाया जाएगा। मेरा उद्देश्य है कि गांधी जी के सिद्धान्तों को घर-घर तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुवणत्ता को लेकर चिन्ता जाहिर करते हुए कहा कि यह सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस बार भी बोर्ड की परीक्षा में सख्ती बरती जाएगी अगर शिक्षक भी गलती करेंगे तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले से भी जनसंचार का कार्य होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अगले साल होने वाले 25वें पुस्तक मेले को धूमधाम से आयोजित किया जाए।

देखिए वीडियो - पप्‍पू यादव ने किया नीतीश कुमार का चरित्रहनन, कहा- कैशलेस का समर्थन करते हैं और खुद पैसे देकर मनसुख, नयनसुख

 

ये वीडियो भी देखिए - बिहार: न्यायिक सेवा भर्ती में 50% आरक्षण दिए जाने को मंज़ूरी, कैबिनेट ने लिया फैसला

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