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इस आयोग की परीक्षा का उत्तर व्हाट्सअप पर हुआ वायरल, सितंबर 2014 से अभी तक जितनी भी परीक्षा ली सभी मामले पहुंचे हाईकोर्ट

बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी)अपनी हर परीक्षा में घोर लापरवाही की वजह से विवादों में घिरा रहता है।

bssc exam, bihar, government job, court, patnaबिहार कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा का उत्तर व्हाटसअप पर हुआ वायरल (स्क्रीनशॉट)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुशासन बाबू के नाम से जाने जाते हैं। उनके राज में सबकुछ ठीक-ठाक होने के दावे किए जाते रहे हैं लेकिन उनकी ही राज्य में एक आयोग ऐसा है जिसका विवादों से नाता पुराना है। तीसरे दर्जे के कर्मचारियों की बहाली के लिए बनाए गए बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) अपनी घोर लापरवाही की वजह से विवादों में घिरा रहता है। कभी पर्चा लीक मामले में आयोग की किरकिरी होती है तो कभी आयोग द्वारा एडमिट कार्ड पर अश्लील तस्वीर लगाकर महिला अभ्यर्थी को भेजी दी जाती है। इस बार आयोग की परीक्षा से पहले ही उसका उत्तर व्हाटसअप पर खूब वायरल हुआ और जब परीक्षा हुई तो उसके प्रश्न हू-बहू वैसे ही मिले, जैसा उसका आन्सर बाजार में वायरल हो रहा था।

कुल मिलाकर हर मामले में बीएसएससी का प्रदर्शन खराब रहा है। आंकड़ों पर अगर गौर करें तो ऐसी कोई भी परीक्षा नहीं हुई है, जो कोर्ट में नहीं गई है। ज्यादातर परीक्षाओं का रिजल्ट कोर्ट की दखल के बाद ही आता है। 2014 के सितम्बर से अभी तक बिहार कर्मचारी चयन आयोग की जितनी परीक्षाएं हुई हैं सभी कोर्ट गई हैं। बात चाहे  एएनएम परीक्षा, जीएनएम, स्टेनोग्राफर, सीनियर साइंटिस्ट, जेल वार्डेन और सीआई की परीक्षा की हो, सभी परीक्षाओं का मामला कोर्ट तक पहुंचा है। यही वजह है कि राज्य में नियुक्ति प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं हो पाती है।

इन सब में सबसे ज्यादा परीक्षार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। अभी तक बिहार कर्मचारी चयन आयोग की लापरवाही से पीटी का रिजल्ट, मुख्य परीक्षा, आरक्षण में गड़बड़ी, मेधा सूची में हेराफेरी जैसी शिकायतें कोर्ट पहुंची हैं। हाल ही में बीएसएससी की परीक्षा के पर्चा लीक मामले में एक बीएसएससी के कर्मी की संलिप्तता देखी गई है। इस मामले पर बीएसएससी ने कुछ कहने से इनकार कर दिया है। आयोग के सचिव परमेश्वर राम ने कहा है कि उन्हें जिला प्रशासन या किसी अन्य एजेंसी से ऐसी रिपोर्ट नहीं मिली है, जिसके आधार पर जांच की जाए। मीडिया में छपी खबरों पर जांच नहीं हो सकती है।

कौन-कौन सी भर्ती परीक्षा के मामले कोर्ट पहुंचे

आरक्षी अवर निरीक्षक परीक्षा 2004
प्रर्वतन अवर निरीक्षक परीक्षा  2004
सांख्यिकी सहायक परीक्षा 2007
ऑडिटर परीक्षा 2007
एएनएम परीक्षा 2006
उत्पाद अवर निरीक्षक परीक्षा  2008
स्वास्थ्य विभाग क्लर्क परीक्षा  2010
सचिवालय सहायक परीक्षा  2010
जूनियर इंजीनियर परीक्षा  2011

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