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गिरफ्तारी वारंट के बाद भी मंत्री पुत्र को पुलिस नहीं कर सकी अरेस्ट, सीएम आवास के पास करता रहा प्रेस कॉन्फ्रेन्स

केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शास्वत ने हाल में भागलपुर जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर पुलिस पर राजनीतिक दबाव में उनके खिलाफ मनगढंत प्राथमिकी दर्ज करने का आरोप लगाया है।

Author March 26, 2018 10:36 PM
भगवा ब्रिगेड के साथ पारंपरिक वेश भूषा में भगवा झंडा लिए बीजेपी नेता अर्जित शाश्वत। शाश्वत पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है, जिसके बाद इलाके में हिंसा फैली। (फोटो- फेसबुक)

केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शास्वत ने हाल में भागलपुर जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर पुलिस पर राजनीतिक दबाव में उनके खिलाफ मनगढंत प्राथमिकी दर्ज करने का आरोप लगाया है। भागलपुर जिले में हुई साम्प्रदायिक हिंसा के मामले में 17 मार्च को दर्ज की गयी दो प्राथमिकी में से एक में अर्जित शास्वत सहित अन्य को नामजद आरोपी बनाए जाने के बाद वहां की एक अदालत ने शास्वत और 9 अन्य लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसमें अन्य लोगों के साथ दो पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गये थे।

शास्वत ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि यह मामला हिंसा के लिए उकसाने से संबंधित नहीं है। झड़प एक विधायक के इशारे में नाथनगर थाना अध्यक्ष और पुलिस उपाधीक्षक के काम करने के कारण हुई। हालांकि शास्वत ने किसी का नाम नहीं लिया। भागलपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा कर रहे हैं और उनके द्वारा नाथनगर की वारदात को लेगर बिहार विधानसभा में एक कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया गया था। शास्वत ने आरोप लगाया कि पुलिस पर गोली चलाने, बम फेंकने, दुकानों में आग लगाने तथा गंगा नदी में स्रान करने जा रही महिलाओं के साथ बदसलूकी करने वाले एक समुदाय विशेष के लोगों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया।

एक प्रश्न का उत्तर देते हुए शास्वत ने कहा कि वे क्यों आत्मसर्मण करेंगे। हम कोई भगोडे नहीं, यहां अपने आवास पर हैं। भागलपुर की भाजपा इकाई ने पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मनगढंत मामले का जमकर विरोध करेंगे। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भाजपा के आगे घुटने टेक देने अर्जित शास्वत के खिलाफ दिखावटी वारंट जारी किए जाने का आरोप लगाते हुए यह अचंभित करने वाली बात है कि मुख्यमंत्री आवास से कुछ दूरी पर ही शास्वत मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हैं पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करती।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के अपने पुत्र का बचाव करते हुए भागलपुर के पुलिस और प्रशासन पर ही आरोप मढ़े जाने के बीच तेजस्वी ने आरोप लगाया कि वे पहले से ही कहते रहे हैं कि नागपुर (आरएसएस मुख्यालय) से बिहार की सरकार चलायी जा रही है। नीतीश कुमार के हाथ में अब कुछ नहीं रह गया है वे भाजपा के चंगुल में फंसे हुए हैं तथा भाजपा के केंद्रीय मंत्री का पुत्र होने के नाते शास्वत को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। इस बीच अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (मुख्यालय) एस के सिंघल ने आज कहा कि भागलपुर मामले में दर्ज प्राथमिकी में नामित सभी लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी।

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