ताज़ा खबर
 

47 साल पहले इंदिरा के खिलाफ बना था महागठबंधन पर जीती थीं 352 सीटें, मोदी को भरोसा 2019 में दोहराएंगे इतिहास

अपने हरेक चुनावी भाषणों में तब इंदिरा कहा करती थीं कि वो कहते हैं "इंदिरा हटाओ" पर हम कहते हैं "गरीबी हटाओ।"

भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी।

बिहार के उप मुख्यमंत्री और बीजेपी के नेता सुशील कुमार मोदी ने भरोसा जताया है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर से बीजेपी की बड़ी जीत होगी। उन्होंने कहा कि आज से करीब 47 साल पहले यानी 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ भी विपक्षी दलों ने महागठबंधन बनाया था लेकिन जीत इंदिरा गांधी की हुई थी। एचटी मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के हालिया कदमों की वजह से समाज का एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग, जिसकी आबादी करीब 70 फीसदी है, वह फिर से बीजेपी को वोट करेगा। बतौर मोदी साल 2014 में भी इन लोगों ने बीजेपी के पक्ष में वोट दिया था। उन्होंने कहा कि साल 1971 में भी स्थितियां ऐसी ही थीं। इंदिरा गांधी के सामने विपक्षी चेहरे की कमी थी। आज भी मोदी के सामने विपक्ष की तरफ से चेहरा कौन है? ये नहीं पता।

बता दें कि 1969 में कांग्रेस का बंटवारा होने के बाद इंदिरा गांधी की अगुवाई वाली कांग्रेस लोकसभा में अल्पमत में आ गई थी और कम्यूनिस्ट पार्टी की बैसाखी पर सरकार चल रही थी। लिहाजा, इंदिरा ने 1971 में लोकसभा को भंग कर मध्यावधि चुनाव कराया था। इंदिरा गांधी को उस वक्त लगा था कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने और राजाओं को मिल रहे प्रिवी पर्स की समाप्ति का उन्हें फायदा मिल सकता है। यह देश का पांचवा आम चुनाव था और पहली बार लोकसभा और विधान सभा के चुनाव अलग-अलग हो रहे थे। इससे पहले राज्य विधान सभाओं और लोकसभा के चुनाव साथ होते आए थे। इंदिरा गांधी की अध्यक्षता वाली कांग्रेस (आर) के खिलाफ चुनावों में कांग्रेस (ओ), जनसंघ, स्वतंत्र पार्टी, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने मिलकर एक महागठबंधन बनाया था। इन चुनावों में विरोधियों ने ‘इंदिरा हटाओ’ का नारा बुलंद किया था। इसके जवाब में इंदिरा गांधी ने ‘गरीबी हटाओ’ का नारा दिया था। अपने हरेक चुनावी भाषणों में तब इंदिरा कहा करती थीं कि वो कहते हैं “इंदिरा हटाओ” पर हम कहते हैं “गरीबी हटाओ।”

इंदिरा गांधी ने 1971 का चुनाव जीतने के लिए दिन-रात एक कर दिया था। कहा जाता है कि उन्होंने करीब 36,000 मील की दूरी तय की थी और करीब 300 चुनावी सभाओं को संबोधित किया था। इंदिरा ने गरीबों, शोषितों-पीड़ितों, दलितों, भूमिहीनों और मुस्लिमों को अपना खास लक्ष्य बनाया था। इनलोगों ने इंदिरा को बढ़-चढ़कर समर्थन भी दिया था। जब चुनावी नतीजे आए तो इंदिरा गांधी की पार्टी कांग्रेस (आर) को 518 लोकसभा सीटों में से 352 पर प्रचंड जीत मिली थी जबकि विपक्षी महागठबंधन को मात्र 51 सीटें मिली थीं। विपक्षी एकता की करारी हार हुई थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App