गौतस्करी से बचाने के लिए बिहार के दलित छात्र ने बनाई डिवाइस, 12 वोल्ट की बैट्री और कॉपर वायर की रस्सी से बज उठेगा अलार्म - Bihar tribal boy designs cattle safety rope to prevent cow smuggling in Seemanchal, Purnea, Nitish Kumar - Jansatta
ताज़ा खबर
 

गौतस्करी से बचाने के लिए बिहार के छात्र ने बनाई डिवाइस, 12 वोल्ट की बैट्री और कॉपर वायर की रस्सी से बज उठेगा अलार्म

बीएसएफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीमांचल में करीब एक लाख पशुओं की चोरी हो चुकी है।

पूर्णिया जिले के धमदाहा अनुमंडल के कैथाडोव गांव के 17 वर्षीय राजेश हंसदा ने एक ऐसी रस्सी बनाई है जो लोगों के पशुओं को चोरी होने से रोकेगा।

देश में इस वक्त गौरक्षा, गौहत्या, गौमांस और गौतस्करी पर बड़ा बवाल है। इस बीच उत्तरी-पूर्वी बिहार के सीमांचल इलाके के एक आदिवासी छात्र ने गौतस्करी से बचाने के लिए एक नई डिवाइस बनाई है। राजधानी पटना से करीब 370 किलोमीटर दूर पूर्णिया जिले के धमदाहा अनुमंडल के कैथाडोव गांव के 17 वर्षीय राजेश हंसदा ने एक ऐसी रस्सी बनाई है जो लोगों के पशुओं को चोरी होने से रोकेगा। राजेश हाई स्कूल धमदाहा के 12वीं क्लास का छात्र है। उसने अपने शिक्षक संतोष कुमार के निर्देशन में एक सुरक्षा रस्सी बनाई है, जिसे तोड़ते या काटते ही अलार्म बजने लगेगा और पशु मालिक जाग जाएगा।

एचटी मीडिया को राजेश ने बताया कि उसके डिवाइस में 12 वोल्ट की बैट्री का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा कॉपर या अल्युमूनियम की रस्सी का इस्तेमाल किया गया है। इन सबको एक डायोड से जोड़ा गया है। डायोड सेमीकंडक्टर उपकरण है जो दो टर्मिनल को जोड़ता है और उसमें एक दिशा में करंट प्रवाहित करता है। उसे एक अलार्म से जोड़ा गया है। अगर किसी ने गाय में बंधी रस्सी को काटने की कोशिश की तो करंट का प्रवाह रुक जाएगा और अलार्म बजने लगेगा। इससे पशु मालिक सचेत हो जाएगा और चोरी से बचा जा सकेगा।

एचटी मीडिया से राजेश ने बताया कि उसके गांव में अक्सर पशुओं की चोरी हो जाती है। उसके परिवार की भी दो भैसें और तीन गायें चोरी हो गई थीं। तब उनके चाचा और पिता की आंखों में आंसू थे। उनकी बड़ी पूंजी गुम हो गई थी। राजेश के मुताबिक उनके आंसू ने ही इस डिवाइस को बनाने की प्रेरणा दी। फिलहाल राजेश कस्बा के एम एल आर्य कॉलेज का छात्र है। उसके इस उपकरण को साल 2015 में नई दिल्ली स्थित आईआईटी में आयोजित पांचवें राष्ट्रीय प्रदर्शनी और प्रोजेक्ट प्रतियोगिता में काफी सराहना मिली थी। उसे जिला और राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में भी पुरस्कार मिल चुका है।

इसी डिवाइस की वजह से राजेश हंसदा इस साल 4 जून को जापान की यात्रा से लौटे हैं। दोनों देशों के बीच एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत उनके साथ कुल 57 लोग गए थे। बता दें कि सीमांचल में पशु चोरी और पशु तस्करी एक गंभीर समस्या है। बीएसएफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीमांचल में करीब एक लाख पशुओं की चोरी हो चुकी है। इनमें से अधिकांश या तो तस्करी कर बांग्लादेश ले जाए जाते हैं या फिर उन्हें कसाइयों के हाथों बेच दिया जाता है। साल 2015 में इस इलाके में करीब 25 हजार पशुओं को तस्करों से छुड़ाया जा चुका है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App