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बिहार टॉपर्स घोटाला: प्रवर्तन निदेशालय ने दर्ज किया धन शोधन का मामला

केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के लिए बिहार पुलिस की प्राथमिकी और विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट का संज्ञान लिया।

बिहार टॉपर्स घोटाला: प्रवर्तन निदेशालय ने दर्ज किया धन शोधन का मामला
ईडी ने एसआईटी और बिहार पुलिस की रिपोर्ट पर संज्ञान लिया है। (File Photo)

प्रवर्तन निदेशालय ने वर्ष 2016 में हुए राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड संबंधी बिहार टॉपर्स घोटाला मामले में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए धनशोधन का एक मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने पूर्व बिहार स्कूल शिक्षा बोर्ड (बीएसईबी) अध्यक्ष एवं चार प्रधानाचार्यों समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के लिए बिहार पुलिस की प्राथमिकी और विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट का संज्ञान लिया। प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट पुलिस प्राथमिकी के समान होती है।

उन्होंने कहा कि एजेंसी आरोपियों द्वारा किए गए अपराध से जुड़ी संभावित राशि और उनके द्वारा कमाए गए कथित अवैध धन की जांच करेगी। इस घोटाले ने पिछले साल जून में उस समय हंगामा मचा दिया था, जब आर्ट्स वर्ग में प्रथम आने वाली वैशाली जिले के विष्णु राय कॉलेज की छात्रा रुबी राय बुनियादी सवालों का भी उत्तर नहीं दे पाई थी और उसने ‘पॉलिटिकल साइंस’ (राजनीति विज्ञान) को ‘प्रोडिगल साइंस’ बताया था और कहा था कि इस विषय में पाक कला संबंधी ज्ञान दिया जाता है।

इन अनियमितताओं से शर्मिंदा राज्य सरकार ने इस मामले की एसआईटी जांच के आदेश दिए थे। इस मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस बात की संभावना है कि प्रवर्तन निदेशालय आरोपियों के बयान जल्द ही दर्ज करेगा और पीएमएलए कानून के तहत उनकी संपत्तियां कुर्क की जाएंगी।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल बिहार में फर्जी टॉपर्स को लेकर पर्दाफाश हुआ था जिसमें छात्रों से मोटी रकम लेकर कॉलेजों ने उनकी अधिक अंक दिलवाने में मदद की थी। मीडिया में यह मामला टॉपर्स घोटाले के नाम से सुर्खियों में आया था। इस मामले में कई बोर्ड के कई अधिकारी और राजनेता नपे थे।

सबसे पहले वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित बिष्णुदेव राय कॉलेज की रूबी राय जून महीने में सुर्खियों में आई थी जब प्रदेश में अव्वल आने के बाद पूछे गए सवालों पर उसने राजनीतिक विज्ञान को ‘प्रोडिकल साइंस’ कहा था। उसके जवाबों के बाद के घटनाक्रम में बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (बीएसईबी) में चलने वाले नकल रैकेट का पर्दाफाश हुआ था।

उस समय पटना के एसएसपी मनु महाराज ने फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में रुबी की उत्तरपुस्तिका की जांच करवाई थी। जिसके रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि कॉपी रुबी की हैंडराइटिंग से नहीं लिखा गया था। इस मामले की एसआईटी जांच कर रही थी।

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First published on: 02-06-2017 at 03:18:06 pm
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