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बिहार: नीतीश ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे, कहा- फ्लैश फ्लड है ये

नीतीश ने कहा कि हम लोगों ने जो पूरी स्थिति को देखा है, उससे यह प्रतीत हुआ है कि बहुत ज्यादा वर्षा नेपाल और बिहार के इलाके में हुयी है।
Author August 14, 2017 21:12 pm
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। (PTI)

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पडोसी देश नेपाल और बिहार के इलाकों में लगातार हुयी भारी बारिश को ‘फ्लैश फ्लड’ की संज्ञा दी है। बाढ से सबसे अधिक प्रभावित चार जिलों पूर्णिया, अररिया, कटिहार एवं किशनगंज का विस्तृत हवाई सर्वेक्षण करने के बाद लौटे नीतीश ने पटना हवाई अड्डे के स्टेट हैंगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जो इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं, उनकी स्थिति को देखने का अवसर मिला। हवाई सर्वेक्षण का सबसे बड़ा लाभ होता है कि पूरी स्थिति की संपूर्ण जानकारी मिल जाती है और वह जानकारी इसलिये जरूरी है कि किस इलाके में राहत एवं बचाव के सिलसिले में क्या करना होगा, हवाई सर्वेक्षण से पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाती है।

उन्होंने कहा कि कल से इन इलाकों में राहत एवं बचाव के सारे काम किये जा रहे हैं। नीतीश ने कहा कि हम लोगों ने जो पूरी स्थिति को देखा है, उससे यह प्रतीत हुआ है कि बहुत ज्यादा वर्षा नेपाल और बिहार के इलाके में हुयी है। उन्होंने कहा कि पानी का प्रवाह खासकर महानंदा नदी, कनकई नदी में बहुत तेज था। हम लोगों ने जो दृश्य देखा है, उसमें गांव में भी पानी घुसा है, सड़कें भी नष्ट हुई है। इससे ऐसा लगता है कि ‘फ्लैश फ्लड’ के बाद जो नुकसान होता है, उसी तरह का नुकसान देखने को मिला है। ‘फ्लैश फ्लड’ में सर्वाधिक नुकसान होता है कि अचानक तेज गति से और ज्यादा पानी का बहाव हुआ, वह सड़कों को भी तोड़ता है और पुलों को भी नुकसान पहुंचाता है। हम लोगों ने आज देखा है कि काफी सड़कें टूटी है। पुलों पर भी हम लोगों ने कई जगह असर देखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिये जो कुछ भी राहत के लिये जरूरी है, वे सारे काम किये जायेगे। उन्होंने कहा कि आज ही हमने हवाई सर्वेक्षण के बाद आपदा प्रबंधन मंत्री सह पूर्णिया जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश चन्द्र यादव, पूर्णिया के आयुक्त, प्रभारी सचिव का भी हवाई सर्वेक्षण कराया है और कल आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, ग्रामीण कार्य के सचिव को भेज रहे हैं कि वे पूरे तौर पर देख लें कि जो नुकसान हुआ है और किस तरह से काम करना है। हमने यह भी निर्देश दिया है कि कल सभी जिलाधिकारियों को भी हवाई सर्वेक्षण कराकर पूरी स्थिति को उन्हें दिखा देना चाहिये, चूंकि जमीनी स्तर पर उनको काम करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे ज्यादा अररिया और किशनगंज का बड़ा हिस्सा, पूर्णिया का तीन ब्लॉक और अभी तक कटिहार का एक ब्लॉक प्रभावित हुआ है लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित अररिया के शहर में, फारबिसगंज में तथा किशनगंज में पानी घुसा है और अनेक गांवों में भी पानी घुसा है। इसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता है कि अररिया और किशनगंज में चारों तरफ पानी फैल सकता है। कभी लोगों का अनुभव इस प्रकार का नहीं रहा है।

उन्होंने कहा ‘‘आप जानते हैं कि इसके लिये कल ही केन्द्र सरकार से एनडीआरएफ की टीम का आग्रह किया था। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री से कल ही बात की थी और मैं केन्द्र सरकार को धन्यवाद देता हूं कि जिस भी सहायता का हमने आग्रह किया था, बहुत जल्द ही सहायता मिल गयी। एनडीआरएफ की चार टीम पहुंच गयी है।’’

उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव अभियान का काम युद्धस्तर पर हो रहा है। मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण से लौटने के तुरंत बाद पटना के 01 अणे मार्ग स्थित अपने आवास पर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव के साथ बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

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