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बिहार सेक्स स्कैंडल में जुड़ा भाजपा सांसद छेदी पासवान का नाम, बेटे के नाम पर रजिस्टर्ड मोबाइल सिम यूज कर रही थी पीड़िता

केस डायरी के अनुसार, पीड़िता द्वारा उपयोग किया जा रहा मोबाइल नंबर सांसद छेदी पासवान के बेटे राहुल पासवान के नाम पर रजिस्टर्ड है।

Nikhil Priyadarshiबिहार सेक्स स्कैंडल का मास्टरमाइंड निखिल प्रियदर्शी।

बिहार के चर्चित सेक्स स्कैंडल में एक नया खुलासा हुआ है। इस केस में अब बीजेपी सांसद छेदी पासवान का नाम भी जुड़ गया है। कोर्ट में पेश की गई केस डायरी के अनुसार पीड़िता द्वारा उपयोग किया जा रहा मोबाइल नंबर सांसद छेदी पासवान के बेटे राहुल पासवान के नाम पर रजिस्टर्ड है। इसी के साथ कोर्ट ने पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी पर सवाल खड़े किए हैं। अदालत ने केस डायरी में दिए गए विवरण को प्राथमिकी रिपोर्ट से अलग बताया है। केस डायरी के मुताबिक, 2 मार्च 2016 को तड़के 3 बजकर 19 मिनट 17 सेकेंड पर पहली बार पीड़िता के नंबर से निखिल के मोबाइल पर एसएमएस आया था। इसके कुछ देर बाद ही करीब 3 बजकर 22 मिनट 28 सेकेंड पर पीड़िता ने निखिल को कॉल किया और दोनों के बीच 5353 सेकेंड यानी करीब 9 मिनट तक बात हुई जबकि, पीड़िता ने एफआईआर और कोर्ट में कहा था कि जनवरी 2016 में निखिल ने उसे पहली बार मिस्ड कॉल किया था। फिर उनके बीच दोस्ती हो गई।

बता दें कि गुरुवार को पटना के पास्को कोर्ट ने आरोपी निखिल प्रियदर्शी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था जिसके बाद कोर्ट ने निखिल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। फिलहाल, निखिल प्रियदर्शी फरार हैं और पुलिस हर राज्य में छापेमारी कर रही है। सूत्र बताते हैं कि निखिल प्रियदर्शी शिमला में मौज-मस्ती कर रहा है। एक पत्रकार को उसने फोन पर बताया, ‘मेरे मोबाइल में कई नेताओं और अधिकारियों की आपत्तिजनक फिल्म कैद है। अगर मुझे परेशान किया जाएगा तो मैं इसे यू-ट्यूब पर अपलोड कर दूंगा, सबकी खटिया खड़ी हो जाएगी।’

निखिल प्रियदर्शी के तरकस में कांग्रेस नेता की बेटी अकेली नहीं थी। बल्कि उसके अलावा दर्जनों सुंदर कॉलगर्ल थीं जो ऑर्डर पर समाज के तथाकथित सम्मानित लोगों की सेवा करती थीं। पटना के बोरिंग रोड स्थित एक अपार्टमेंट के एक फ्लैट में प्रतिदिन शाम को महफिल सजती थी। पुलिस के एक आला अधिकारी बताते हैं कि सेक्स रैकेट की जांच कर रही पुलिस टीम में भी एक शख्स ऐसा है जो उस महफिल में शिरकत करता था। कमीशनर रैंक का एक अधिकारी अपने चहेते इवेन्ट मैनेजर के जरिए निखिल के तरकस के तीरों का इस्तेमाल करता था। उसे अक्सर अपने सरकारी बंगले में बुलवाता था। फिलहाल, वो आरोपी इवेन्ट मैनेजर भी फरार है।

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