ताज़ा खबर
 

बिहार: नगर निकाय चुनावों में महिलाओं ने मारी बाजी, अब महापौर और उप महापौर के लिए जोड़-तोड़ शुरू

भागलपुर नगर निगम में दो बार महिला महापौर कहकशां परवीन और वीणा यादव बनीं तो प्रदीप यादव और बाबुल खान उप महापौर बन चुके हैं।

सिल्क सिटी भागलपुर में इस बार 51 वार्ड में से 35 पर महिलाओं ने कब्जा जमाया है जो भागलपुर नगर निगम के लिए अभूतपूर्व है।

बिहार में हुए नगर निगम चुनावों के नतीजे आ गए हैं। अब महापौर और उप महापौर के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। जो लोग रेस में हैं, वे नव निर्वाचित पार्षदों से संपर्क साध अपना रेट भी बता रहे है। राज्य के पूर्वी शहर और सिल्क सिटी भागलपुर में इस बार 51 वार्ड में से 35 पर महिलाओं ने कब्जा जमाया है जो भागलपुर नगर निगम के लिए अभूतपूर्व है। यहां महापौर पद पिछड़ी जाति की महिला के लिए आरक्षित है। इस रेस में 50 नंबर वार्ड से जीती सीमा साह का नाम आगे चल रहा है। उनका पार्षद बनने का मकसद ही यही है। सीमा के पति टुनटुन साह ज़िला परिषद के अध्यक्ष हैं। लिहाजा, अपनी पत्नी को महापौर बनाने के लिए किसी भी हद तक जाने को बेकरार हैं। पूर्व महापौर और राज्यसभा की सदस्या कहकशां परवीन की जेठानी भी 47 नंबर वार्ड से जीती हैं। इनका भी लक्ष्य महापौर की कुर्सी हासिल करना है। वहीं वार्ड 16 से जीती फरीदा आफरीन भी रेस में है। वैसे निवर्तमान महापौर दीपक भुवानियां खुद तो चुनाव नहीं लड़े लेकिन इनकी कोशिश है कि महागठबंधन समर्थक ही महापौर बने। बातचीत में वे कहते है कि चुनाव दलगत तो नहीं है मगर विचारधारा तो मिलनी चाहिए। ये भी जदयू से जुड़े हैं। यानि कि इनकी भी भूमिका अहम है।

हालांकि, इस बार उप महापौर की कुर्सी पर काबिज होने के लिए सामान्य वर्ग के जीते धनकुबेर अपनी-अपनी जुगत लगाए हुए हैं। 38 नंबर वार्ड से जीते राजेश वर्मा पहली बार चुनाव जीते हैं। मगर इनकी निगाह चुनाव के पहले से ही उप महापौर की कुर्सी पर लगी है। उधर, वार्ड 19 से जीती प्रीति शेखर उप महापौर की कुर्सी खाली करने के मूड में नहीं हैं। ये अपनी कुर्सी बचाने के लिए एड़ी-चोटी का पसीना बहाने के लिए तैयार बैठी हैं। इनका दावा इस वजह से भी मजबूत है कि महिलाओं की तायदाद पुरुष पार्षद के मुकाबले ज्यादा है। वार्ड 37 से जीती बबिता देवी भी अपनी दावेदारी ठोक रही हैं। वहीं दोबारा वार्ड 21 से जीते संजय सिन्हा भी उप महापौर की रेस में अपने को बताते हैं। यों कहने वाले यह भी कह रहे है महापौर महिला और उप महापौर भी महिला यह समन्वय नहीं बैठता है।

51 वार्ड के लिए मैदान में कुल 391 उम्मीदवारों में से 197 महिलाएं थीं जिन्होंने 35 वार्डों में जीत दर्ज की।

बता दें कि भागलपुर नगर निगम में दो बार महिला महापौर कहकशां परवीन और वीणा यादव बनीं तो प्रदीप यादव और बाबुल खान उप महापौर बन चुके हैं। तीसरी बार दीपक भुवानियां ने महापौर की कुर्सी की शोभा बढ़ाई तो प्रीति शेखर उप महापौर बनीं। मसलन, महिला महापौर तो पुरुष उप महापौर। इसी परंपरा या ऐसा इत्तेफाक होने की वजह से फिर से लोग कयास लगा रहे हैं कि इस बार भी ऐसा ही हो लेकिन 35 महिलाओं के चुनकर आने की वजह से ऐसा भी हो सकता है कि महापौर और उप महापौर दोनों कुर्सी पर महिलाएं ही काबिज हो जाएं। यह आश्चर्य की बात नहीं होगी। वैसे जानकार कहते हैं कि यह सारा खेल सौदेबाजी का है।

वोटों की गिनती में सबसे कम वोट से जितने वाले 42 वार्ड के पार्षद बने सरयू प्रसाद साह। इनको 570 मत आए और इनके प्रतिद्वंदी राजेश कुमार साह को 563 मत प्राप्त हुए। वहीं 25 नंबर वार्ड से गोविंद बनर्जी केवल 9 वोट से जीते। सबसे ज्यादा 1964 मतों से जीतने का रिकॉर्ड 41 नंबर वार्ड की संध्या गुप्ता ने बनाया। उन्हें कुल 2773 मत मिले तो पूजा देवी को 809 वोट मिले। यह इकलौता वार्ड था जहां दो ही उम्मीदवार थी और दोनों महिला के बीच सीधी लड़ाई थी। मसलन, 51 वार्ड के लिए मैदान में कुल 391 उम्मीदवारों में से 197 महिलाएं थीं जिन्होंने 35 वार्डों में जीत दर्ज की। कुल 194 पुरुष प्रत्याशियों में से केवल 16 वार्डों पर ही उन्हें विजयश्री मिली। यानी वोटरों ने पुरुषों की बजाय महिलाओं पर ज्यादा भरोसा किया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App