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बिहार विधानसभा में मंत्री ने ललकारा- दम है तो गांधी मैदान में फरिया लें, गरम हुए तेजस्वी, तेज प्रताप

बिहार विधानसभा में मंत्री रामसूरत राय और तेजस्वी यादव के बीच इतनी तीखी बहस हुई कि एक बार फिर हाथापाई की नौबत आ गई। दोनों ने एक दूसरे पर जमकर निजी हमले किए।

ramsurat, tejashwiरामसूरत राय और तेजस्वी यादव में सदन में तीखी बहस। फोटो- एएनआई

बिहार में शराब बरामदगी के मामले में राजनीति गरम है। मंत्री रामसूरत राय ने दस्तावेज जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि जिस स्कूल परिसर से शराब जब्त की गई वह उनके हिस्से में नहीं है बावजूद इसके विपक्ष हर तरफ से घेरने की कोशिश कर रहा है। बिहार विधानसभा में बहस इतनी तीखी हुई कि एक बार फिर हाथापाई की नौबत आ गई। हालांकि जुबानी वार पर ही मसला शांत हुआ। मंत्री ने कहा कि विपक्ष उनका चरित्र हनन करने की कोशिश कर रहा है और इसकी भरपाई करनी पड़ेगी। वहीं राजद के विधायक वेल तक पहुंच गए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ भी नारेबाजी करने लगे।

मंत्री रामसूरत राय ने कहा, ‘अगर बैठकर सुनने की ताकत है तो सुनें नहीं तो गांधी मैदान में फरिया लेंगे। अगर इनके (तेजस्वी) के पटना में रिश्तेदार हैं तो हमारे भी 100 रिश्तेदार हैं।’ उनकी बात सुनते ही आरजेडी नेता वेल तक पहुंच गए। विधानसभा में बहस के दौरान मंत्री और तेजस्वी यादव में व्यक्तिगत टिप्पणियां भी होने लगीं।

मंत्री ने कहा, ‘हमारे खानदान को सब जानते हैं। आरजेडी के बड़े नेता भी मेरे परिवार को जानते हैं। हमारे ऊपर आरोप लगाने से पहले अपने खानदान के बारे में बताएं।’ इस बात पर तेजस्वी यादव और तेज प्रताप दोनों ही उत्तेजित हो गए और इस बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने भी खड़े होकर तीखे शब्दों में वार किया। स्पीकर ने बीच में टोका और अमर्यादित बातों को कार्यवाही से बाहर करने को कहा। हालांकि विपक्षी नेता चीखते रहे।

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री से कि मांग की कि मंत्री के भाई का सीडीआर निकाला जाए और मंत्री का भी सीडीआर निकाला जाए। उन्होंने करा, मुख्यमंत्री खामोश क्यों हैं? सदन में हमको डॉक्यूमेंट नहीं रखने दिया।। आसन को गाइड किया जा रहा है। यह लोकतंत्र की हत्या है।

तेजस्वी ने कहा कि अगर एक सप्ताह में मंत्री के भाई की गिरफ्तारी नहीं होती है और थाना नहीं खुलता है तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और सभी लोगो से अपील जिन लोगों के शराब मामले में घर आवास सील हुए या थाना खुला तो सभी मुख्यमंत्री पर केस करें। दोहरी नीति नहीं चलेगी।

तेजस्वी ने कहा, ‘मुख्यमंत्री से मांग एक अप्रैल तक अगर मंत्री के भाई को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो मुख्यमंत्री शराब का एक ठेका मुख्यमंत्री आवास और मंत्री के आवास में ही खोल लें। शराब के नशे में मंत्री ठुमका लगा देते हैं गिरफ्तारी नहीं होती है।’

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