ताज़ा खबर
 

बिहार: नीतीश कुमार की एनडीए सरकार में बढ़े अपराध, 3 महीने में 2288 दंगे, 667 मर्डर!

पिछले साल जुलाई के आखिरी हफ्ते में नीतीश कुमार ने राजद के साथ महागठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ एनडीए गठबंधन की सरकार बना ली थी।

jdu, bjp, bihar, nda, nitish kumar, pm modi, sushil modi, Shyam Rajak, seat sharing, bihar news, patna news, news in hindi, jansattaबुधवार 6 जून को पटना में एक इफ्तार पार्टी के दौरान सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी (फोटो-पीटीआई)

बिहार में इन दिनों राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। एनडीए के घटक दलों में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अधिक से अधिक सीटों पर दावा करने की होड़ मची हुई है। इस बीच राज्य में क्राइम का ग्राफ लगातार ऊपर उठता जा रहा है। सुशासन का भय अपराधियों में खत्म सा हो गया है। पिछले 24 घंटे के अंदर राज्य में दो गोलीकांड ने लोगों को डराकर रख दिया है। आंकड़े बता रहे हैं कि नीतीश कुमार की मौजूदा सरकार में ही लालू यादव की पार्टी के साथ पार्टनरशिप के मुकाबले बीजेपी से गठबंधन करने के बाद अपराध का ग्राफ बढ़ गया है। बिहार पुलिस के आंकड़ों को ही सच मानें तो इसी साल के शुरुआती तीन महीनों में कुल 57 हजार 441 संगीन मामले दर्ज हुए हैं। इनमें किडनैपिंग के 2171, मर्डर के 667, रेप के 289, डकैती के 71, चोरी के 7172 और दंगा के 2288 मामले दर्ज हुए हैं।

बता दें कि पिछले साल जुलाई के आखिरी हफ्ते में नीतीश कुमार ने राजद के साथ महागठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ एनडीए गठबंधन की सरकार बना ली थी। आंकड़ों को मुताबिक तब से राज्य में अपराधियों का बोलबाला हो गया है और इसका असर अपराध के तेजी से बढ़ते ग्राफ पर पड़ा है। बिहार पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2017 में जहां कुल संगीन मामलों की संख्या 20 हजार 96 थी जो दिसंबर 2017 में बढ़कर 20 हजार 446 हो गई।

बिहार पुलिस की वेबसाइट पर दर्ज महीना वार अपराध का आंकड़ा। (सोर्स-https://biharpolice.bih.nic.in/)

इसी तरह अगस्त 2017 में राज्य में कुल 236 मर्डर के मामले दर्ज हुए थे जो दिसंबर 2017 में 228 रह गए। एनडीए सरकार आते ही राज्य में रेप की वारदात में बढ़ोत्तरी हो गई। अगस्त 2017 में कुल 102 मामले, सितंबर में 118 मामले, अक्टूबर में 113 मामले रेप के दर्ज किए गए। हालांकि, नवंबर-दिसंबर में रेप के मामलों में कमी आई है। इसी तरह दंगों, किडनैपिंग, चोरी, छिनतई के मामलों में भी बढ़ोत्तरी हुई है।

बिहार पुलिस की वेबसाइट पर दर्ज 2018 का महीना वार अपराध का आंकड़ा। (सोर्स-https://biharpolice.bih.nic.in/)

बता दें कि आंकड़े इस साल के मार्च तक ही हैं।  मार्च में राज्य में दंगे के कुल एक हजार छासठ मामले दर्ज किए गए थे, जबकि उसके अगले महीने अप्रैल में रामनवमी के वक्त राज्य के कई जिलों में दंगे भड़के थे। इसमें कई मामलों में बीजेपी नेताओं पर दंगा भड़काने के आरोप भी लगे थे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित चौबे पर भी भागलपुर से सटे इलाके में दंगा भड़काने का आरोप लगा था।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 शराब के बाद अब खैनी पर नीतीश सरकार की सख्‍ती, केंद्र को भेजी दरख्‍वास्‍त
2 बिहार: जेडीयू के 25 के बाद अब एलजेपी ने किया 7 सीट का दावा, कहा- 2019 अकेले नहीं जीत सकती बीजेपी
3 एएसपी ने क‍िया स्ट‍िंंग, एसएसपी ने द‍िया 12 पुल‍िसकर्म‍ियों को सस्‍पेंड करने का ऑर्डर
यह पढ़ा क्या?
X