नीतीश ने 45 मिनट तक किया ‘मोदी गान’, मुस्लिम रोहिंग्या पर चुप, बोले- मैं इंसानियत के साथ

जीएसटी के दायरे में पेट्रोलियम पदार्थों को लाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जबतक वो भाजपा के शीर्ष नेताओं से इस पर बात नहीं कर लेते तब तक कुछ नहीं कहेंगे।

modi cabinet, cabinet reshuffle, nitish kumar, uddhav thackeray, jdu, shiv sena, bjp, amit shah, nitish not happy, pm narendra modi, nda, hindi newsनीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी (Source: Twitter/PMO)

बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने सोमवार (18 सितंबर) को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में न सिर्फ मोदी गान किया बल्कि अपने पुराने राजनीतिक सहयोगी राहुल गांधी पर भी जमकर बरसे। एनडीटीवी के मुताबिक कुल 45 मिनट तक नीतीश कुमार ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की करीब-करीब हर मुद्दे पर तारीफ की और एक अच्छा सहयोगी दल का धर्म निभाया लेकिन जब बात उनके वोट बैंक से जुड़े मुसलमानों की आई तो उन्होंने थोड़ी देर तक चुप्पी साध ली। जिस वक्त वो यह सब कह रहे थे उनके बगल में भाजपा के मंत्रीगण भी मौजूद थे।

दरअसल, जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से रोहिंग्या मुसलमानों पर केंद्र सरकार के रुख के बारे में उनकी और पार्टी की राय के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि पार्टी में अभी इस मुद्दे पर मंथन नहीं हुआ है। हालांकि, निजी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि वो इंसानियत के हिमायती हैं और इस पर उदारवादी रुख रखते हैं। नीतीश बहुत कुछ कहना चाहते थे लेकिन इंसानियत की बात कहकर चुप हो गए। शायद इस मसले पर चाहकर भी वो केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना नहीं कर सके।

नीतीश ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के उस बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने अमेरिकी यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में कहा था कि भारत में अधिकांश जगहों पर वंशवाद की राजनीति होती है। इस पर नीतीश ने कहा कि परिवारवाद की आड़ में बहुत कुछ थोपने की कोशिश राजनीतिक पार्टियां करती हैं, जिसे जनता पसंद नहीं करती। उनका इशारा राहुल गांधी के साथ-साथ पूर्व सहयोगी लालू यादव और उनके परिवार पर भी था।

इसके अलावा नीतीश पत्रकारों के बिना पूछे ही गौरी लंकेश हत्याकांड पर बयान देने लगे। उन्होंने कहा कि इस घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी अबतक कतोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि अगर यही घटना बिहार में हुई होती तो विपक्षी पार्टियां पटना से दिल्ली तक हाय-तौबा मचा जातीं। जीएसटी के दायरे में पेट्रोलियम पदार्थों को लाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जबतक वो भाजपा के शीर्ष नेताओं से इस पर बात नहीं कर लेते तब तक कुछ नहीं कहेंगे। बता दें कि नीतीश पेट्रोलियम को जीएसटी के दायरे में लाने के विरोधी रहे हैं।

Next Stories
1 केदारनाथ त्रासदी में जीवनदान पाए मोदी के मंत्री बोले- भीख मांगूंगा पर हर तबके का इलाज कराऊंगा
2 जिस शख्स ने अहमद पटेल को बनाया राज्यसभा सांसद, नीतीश को हटा बने जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष
3 लालू यादव पर नया आरोप- RJD ज्वायन कराने के नाम पर लिए 10 लाख, शूटर कह नहीं कराया शामिल
ये पढ़ा क्या?
X