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नीतीश ने बदला शराबबंदी कानून, तेजस्वी बोले- अब अमीर 5000 फाइन देगा, जाम छलकाएगा!

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्दोष लोगों को बचाने के लिए कानून में संशोधन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संशोधन का यह मतलब नहीं है कि पीनेवालों को छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत भी शराब पीकर उपद्रव करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

शराबबंदी कानून बदलने पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि अब अमीर लोग पांच हजार रुपये देकर आराम से जाम छलकाया करेंगे।

बिहार विधान सभा में आज (23 जुलाई) को मुख्य विपक्षी दल राजद के वॉकआउट के बीच नया शराबबंदी कानून “मद्य निषेध संशोधन विधेयक” पास हो गया। नए कानून में शराबबंदी कानून के कई पहलुओं को नरम बनाया गया है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस पर सीएम नीतीश कुमार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि अब अमीर लोग पांच हजार रुपये देकर आराम से जाम छलकाया करेंगे। दरअसल, सरकार ने पहले शराब के साथ धरे जाने पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया था जिसे अब घटाकर 5000 रुपये कर दिया गया है। तेजस्वी ने इसी पर तंज कसते हुए कहा कि नया कानून अमीरों को फाइन देकर शराब पीने की खुली छूट देगा। तेजस्वी ने कहा कि शराबबंदी होने के बावजूद राज्य में भारी मात्रा में शराब की खेप के साथ लोग पकड़े जा रहे हैं। इसलिए सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि पड़ोसी राज्यों की सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई जाए। तेजस्वी ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में शराब की फैक्ट्री लगाकर शराब सप्लाई करने की भी जांच होनी चाहिए।

विधान सभा में जैसे ही संशोधन विधेयक पेश हुआ, विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। बिल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में कहा कि शराबबंदी कानून का सभी दलों ने समर्थन किया था। अब कुछ लोगों को सुधार की बातें पसंद नहीं आ रही हैं। सीएम ने कहा कि मौजूदा कानून के तहत 62% पीने वाले लोग गिरफ्तार हुए हैं लेकिन इसमें अधिकांश आबादी गरीबों की है। सीएम ने यह भी कहा कि शराबबंदी का मुख्य मकसद इन गरीबों को शराब की लत से छुटकारा दिलाना था क्योंकि गरीब लोग अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा इस पर खर्च करते थे। इसके अलावा शराब की वजह से घरेलू हिंसा भी बढ़ गई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्दोष लोगों को बचाने के लिए कानून में संशोधन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संशोधन का यह मतलब नहीं है कि पीनेवालों को छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत भी शराब पीकर उपद्रव करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। बता दें कि नए शराबबंदी कानून के तहत पहली बार पीकर पकड़े जाने पर अब तीन महीने की सजा होगी जबकि दूसरी बार पकड़े जाने पर एक साल की सजा होगी। किसी के घर में शराब मिलने पर अब सिर्फ जिम्मेदार व्यक्ति की ही गिरफ्तारी होगी। पहले पूरे परिवार पर जुर्माना लगाने का प्रावधान था। इसी तरह वाहन में शराब लेकर जाने पर अब वाहन की जब्ती नहीं होगी सिर्फ दोषी की गिरफ्तारी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी से राज्य में खुशहाली आई है।

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