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सुशील मोदी का दावा- द‍िल्‍ली में लालू यादव ने मोदी सरकार के मंत्रियों से की गुप्‍त मुलाकात,लगाई बेटे-बेटियों को इनकम टैक्स से बचाने की गुहार

सुशील कुमार मोदी ने हाल के दिनों में लालू परिवार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और बेनामी संपत्ति से जुड़े कई आरोप लगाए हैं।
पटना में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी। (फोटो-PTI)

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने दावा किया है कि नई दिल्ली में लालू यादव ने मोदी सरकार के मंत्रियों से इसलिए मुलाकात की थी ताकि उनके बच्चों को इनकम टैक्स की कार्रवाई से बचाया जा सके। बतौर सुशील कुमार मोदी, लालू यादव ने इसके लिए मोदी के मंत्रियों से गुहार लगाई है। इससे पहले ये खबर आई थी कि लालू यादव ने केंद्र में बीजेपी सरकार के मंत्रियों से गुपचुप मीटिंग की है, जिसके बाद से नीतीश कुमार शांत पड़ गए थे। बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर बिहार में महागठबंधन सरकार के घटक दलों के बीच तल्खी सामने आई थी।

सुशील कुमार मोदी ने हाल के दिनों में लालू परिवार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और बेनामी संपत्ति से जुड़े कई आरोप लगाए हैं। उनके आरोपों के बाद आयकर विभाग ने लालू यादव की बड़ी बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार को समन जारी किया था। दो तारीख पर पेश नहीं होने के बाद आयकर विभाग ने दिल्ली स्थित उनकी एक प्रॉपर्टी को सीज कर दिया था।  इसके बाद मीसा भारती आयकर विभाग के सामने पेश हुई थीं। तब विभागीय अधिकारियों  ने उनसे करीब पांच घंटे तक पूछताछ की थी। उसके अगले दिन मीसा भारती के पति भी आयकर विभाग के सामने पेश हुए।

लालू यादव के दोनों बेटे उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव पर भी बेनामी संपत्ति रखने और चुनाव आयोग में गलत हलफनामा देने के आरोप हैं। माना जा रहा है कि आयकर विभाग के अधिकारी लालू यादव के दोनों बेटों को भी समन जारी कर सकते हैं। अगर उनसे पूछताछ में कुछ गड़बड़ी मिली तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उन पर कानूनी कार्रवाई कर सकता है। लिहाजा, इसी कार्रवाई से बचने के लिए लालू यादव को केंद्रीय मंत्रियों से मिलना बताया जा रहा है, ताकि तेजस्वी और तेजप्रताप को बचाया जा सके। इनके अलावा पत्नी राबड़ी देवी और अन्य बेटियों पर भी बेनामी संपत्ति के आरोप हैं।

कहा जा रहा है दिल्ली में बीजेपी नेताओं से मुलाकात में मुख्य भूमिका लालू के करीबी सांसद प्रेम चंद गुप्ता ने निभाई है। लालू अपने बच्चों को बचाने के लिए महागठबंधन की बलि देने को भी तैयार हो गए थे। ये सारी बातें जब नीतीश कुमार को पता चलीं तो उन्होंने भी इस गठबंधन से बाहर निकलने का मन बना लिया। नीतीश कुमार एक सही मौके का तलाश कर रहे हैं जब वह लालू से अलग हो सकें। बीजेपी के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन करना नीतीश कुमार की इसी रणनीति का हिस्सा है।

 

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  1. B
    b j
    Jun 29, 2017 at 5:37 pm
    चारा चोर है बोवेद डाउन सो मच? हे ुसेड तो बोस्ट अस िफ़ हे विल फाइट लिखे सिकन्दरानद
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