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भागलपुरः बाल गृह से फरार हुए 2 बच्चे, सकते में डीएम-एसपी

भागलपुर बाल गृह ( रिमांड होम ) से दो बच्चों के फरार होने की जानकारी ने ज़िलाधीश प्रणब कुमार और एसएसपी आशीष भारती को सकते में डाल दिया।

भागलपुर बाल गृह ( रिमांड होम ) से दो बच्चों के फरार होने की जानकारी ने ज़िलाधीश प्रणब कुमार और एसएसपी आशीष भारती को सकते में डाल दिया। ये दोनों अधिकारी शुक्रवार शाम औचक मुआयना करने गए थे। इसी दौरान वहां रह रहे दूसरे बच्चों ने बताया। इस सिलसिले में पुलिस ने एक सनहा दर्ज की है। फरार बच्चों की उम्र एक की दस और दूसरे की पंद्रह साल बताई है। इससे पहले बीती सात जुलाई को पांच बच्चे एक साथ रोशनदान में लगे लोहे के सरिए को काटकर फरार हो गए थे। जिनमें से अभी भी तीन नहीं मिले है। दो को स्टेशन से पकड़ लिया गया था। बीते साल मई में नौ बालक फरार हुए थे। जिनमें से भी छह ही वापस लाया जा सका था। ज़िलाधीश प्रणब कुमार ने शनिवार को दो बच्चों के फरार होने की पुष्टि की है। ये दोनों गुरुवार रात यहां से भागे है।

एसएसपी ने इस संवाददाता को बताया कि फरार दोनों पर किसी तरह का आपराधिक मामला नहीं है। बाल श्रम के तहत छुड़वाकर 25 जुलाई को छह बच्चें लाए गए थे। शायद ये अपने घर चले गए है। इनकी तलाश पुलिस कर रही है। वे उम्मीद जताते है कि इन्हें जल्द ढूंढ लिया जाएगा। दरअसल भागलपुर का रिमांड होम किराए के मकान में चलता है। यहां बुरी तरह कुव्यवस्था है। इस बात का बीते साल सितंबर महीने में टाटा इंस्टीच्यूट आफ सोशल साइंसेज के द्वारा की गई सोशल आडिट में भी खुलासा हुआ था। इसी आधार पर बाल गृह का संचालन करने वाली रूपम प्रगति समाज समिति ( एनजीओ) पर इसी 18 जुलाई को थाना जीरोमाइल में जेजे कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। संचालकों पर मानसिक व शारीरिक तरीके से इन बच्चों को प्रताड़ित करने की बात सोशल आडिट के दौरान इन बच्चों ने बताई । ऐसा अंकेक्षण रिपोर्ट में खास तौर पर उल्लेख किया गया। बताते है।

ज़िलाधीश प्रणब कुमार ने बताया कि रिमांड होम में पचास बालकों के रहने का इंतजाम है। कभी 35 तो कभी 37 यहां रहते है। संख्या घटती बढ़ती रहती है। इस बाबत जरूरी हिदायतें सामाजिक सुरक्षा व बाल संरक्षण महकमा को दिया गया है। जिनमें रोशनदान में ग्रिल लगवाना , बच्चों के रहन सहन व खानपान , हिफाजत व पढ़ाई के साथ उन्हें किसी तरह से सताने पर खास ध्यान देने को कहा है। जानकार बताते है कि मुजफ्फरपुर में बालिका गृह में हुए शर्मनाक कांड के उजागर होने के बाद बिहार सरकार बचाव में जुटी है। इसी वजह से ज़िलों के आलाधिकारियों को रिमांड होम पर खास नजर रखने और समय समय पर मुआयना करने का आदेश पटना से आया है।

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