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चुनाव के वक़्त पुलवामा शहीद के पिता को मंच पर बिठाते थे बीजेपी नेता, अब भूले वादे!

पांच साल का बेटा कृष्णा अपनी तोतली बोली में कहता है कि " बला होतर पापा का बदला लूंगा।" वह भी फौज में जाने की अभी से तमन्ना रखता है।

पुलवामा हमले में भागलपुर के रतन ठाकुर भी शहीद हो गए थे।

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में साल 2019 में हुए आतंकी हमले की बरसी पर लोगों ने शहीदों को याद किया और श्रद्धांजलि दी। इसी कड़ी में भागलपुर के रतनगंज गांव के रहने वाले रतन ठाकुर को भी गांव वालों ने श्रद्धांजलि दी। उनकी याद में तोरण द्वार और पंडाल बना शहीद की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उनको याद किया। इस दौरान मौजूद गांववालों ने राज्य सरकार द्वारा किए गए वादे पूरे ना करने को लेकर रोष प्रकट किया। गांवलावों का कहना है कि गांव में शहीद रतन का स्मारक, गांव का द्वार , कॉलेज बनाने, स्कूल का नाम शहीद के नाम करने जैसे वायदे किए गए थे लेकिन पूरे नहीं किए गए।

शहीद के पिता रामनिरंजन ठाकुर इस बात से भी दुखी है कि 40 सीआरपीएफ जवान पुलवामा में आतंकी हमला में अपनी जांव गंवा दी।उनको लेकर अभी तक वादे पूरे नहीं किए गए हैं। लोकसभा चुनाव की वजह से नेताओं का यहां तांता लगा था। भाजपा के कई चुनावी कार्यक्रम हुए। जिसमें शहीद के पिता को ले जाकर मंच पर बिठाया गया। बड़े-बड़े वायदे किए गए। मुख्यमंत्री गांव हेलीकाप्टर से आए थे। मगर सब वादे भूल गए।

शहीद रतन ठाकुर की पत्नी अपनी पति की शहादत पर आज भी गुस्से में हैं। उनका कहना है कि सरकार पाकिस्तान से माकूल बदला ले। रतन ठाकुर का पांच साल का बेटा भी फौज में जाने की तम्नना रखता है और कहता है कि वह बड़ा होकर अपने पिता की मौत का बदला लेगा। कृष्णा अपनी तोतली बोली में कहता है कि ” बला होतर पापा का बदला लूंगा।”

हालांकि शहीद रतन ठाकुर की पत्नी को घोषित आर्थिक मदद के चेक मिले है। शहीद के भाई को ज़िलाधीश के मातहत दफ्तर में नौकरी भी दी गई है। परिवार इस सहायता से तसल्ली रखता है।

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