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बिहार में बाढ़ से 514 मौतें, यूपी में भी 102 पहुंचा आंकड़ा

प्रशासन ने कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। राज्य में 19 जिले में 1.71 करोड़ लोग अब भी इस विभीषिका का सामना कर रहे हैं।

Author Published on: August 29, 2017 2:40 PM
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल प्रलय से प्रभावित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ पर समीक्षा बैठक की। (PTI)

पड़ोसी देश नेपाल और बिहार में लगातार हुई भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से पिछले 24 घंटों के दौरान 32 और लोगों की मौत के साथ प्रदेश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 514 हो गई है। आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पड़ोसी देश नेपाल और बिहार में लगातार हुई भारी बारिश के कारण अचानक आयी बाढ़ से 32 और लोगों की मौत के साथ प्रदेश में इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 514 हो गई है। बिहार में आई बाढ़ से 19 जिलों किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढी, शिवहर, समस्तीपुर, गोपालगंज, सारण, सिवान, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा एवं खगड़िया की एक करोड़ 71 लाख 64 हजार आबादी प्रभावित हुई है।

बाढ़ से सबसे अधिक अररिया में 95 लोग, सीतामढी में 47, पूर्णिया में 44, पश्चिमी चंपारण में 42, कटिहार में 40, दरभंगा में 37, पूर्वी चंपारण में 32, मधेपुरा में 29, मधुबनी में 28, किशनगंज में 24, मुजफ्फरपुर में 21, गोपालगंज 20, सुपौल में 16, सारण में 13, खगड़िया में 10, सहरसा में 8, शिवहर 6 तथा समस्तीपुर में 2 व्यक्ति की मौत हुई है। राज्य में बाढ़ प्रभावित इलाके से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाये गए 854936 लोगों में से 106650 व्यक्ति अभी भी 115 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।

हालांकि, प्रशासन ने कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। राज्य में 19 जिले में 1.71 करोड़ लोग अब भी इस विभीषिका का सामना कर रहे हैं। कुछ इलाके में पानी घटने से लोग अपने घरों में लौट गए हैं और राहत शिविरों की संख्या घटकर 222 से 115 हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल प्रलय से प्रभावित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ पर समीक्षा बैठक की और उनके कठिन मेहनत की सराहना की।

बाढ़ राहत शिविर के अतिरिक्त वैसे प्रभावित व्यक्ति जो राहत शिविरों में नहीं रह रहे हैं उनके लिए सामुदायिक रसोइघर चलाये जा रहे हैं। इस तरह कुल 794 सामुदायिक रसोईघर चलाए जा रहे हैं जिसमें 189573 लोगों को भोजन कराया जा रहा है। यही हाल उत्तर प्रदेश का भी है, गोरखपुर में दो और लोगों की मौत होने के साथ बाढ़ प्रभावित जिलों में मरने वालों की संख्या 102 हो गई। बाढ़ जनित घटनाओं में दो लोग लापता हैं जबकि तीन घायल हो गए। बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या 24 है। कई लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। राप्ती, घाघरा, बूढी राप्ती, रोहिणी और क्वानो नदियां उफान पर है और बाराबंकी, फैजाबाद, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर के कई इलाके डूबे हुए हैं।

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