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कोरोनाः जो राघोपुर लालू फैमिली का गढ़, वहां न डॉक्टर है, न बोर्ड; जानें- महामारी के बीच कैसा है जमीनी हाल?

तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है। राघोपुर के जाफराबाद में केंद्र स्वास्थ्य भवन सालों पहले बन गया था। लेकिन वहां केवल बिल्डिंग खड़ी है। इस भवन का कभी उदघाटन भी नहीं हुआ। 15 साल पहले जब राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री हुआ करती थी तब यह बना था।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। (express file photo)

कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। शहर से लेकर गांव तक सरकारी अस्पतालों का हाल खारब है। बिहार में और भी बुरा हाल है। लालू परिवार के गढ़ राघोपुर में सरकारी अस्पतालों की हालत इतनी खस्ता है कि वहां न डॉक्टर है, न अस्पताल के बाहर बोर्ड लगा है।

‘आज तक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है। राघोपुर के जाफराबाद में केंद्र स्वास्थ्य भवन सालों पहले बन गया था। लेकिन वहां केवल बिल्डिंग खड़ी है। इस भवन का कभी उदघाटन भी नहीं हुआ। 15 साल पहले जब राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री हुआ करती थी तब यह बना था। यहां एक भी डॉक्टर नहीं है। ना ही बिल्डिंग के बाहर कोई बोर्ड लगा है।

स्वास्थ्य भवन की हालत बहुत खराब है। गांव वालों के लिए यह अनाज रखने और अन्य कामो के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। इसी गांव के मनोज राय कहते हैं कि तेजस्वी अपने सरकारी आवास में अस्पताल बना रहे हैं, उससे अच्छा तो इसी को अस्पताल बना देते ताकि यहां के लोगों का इलाज हो सके।

2010 के चुनाव को छोड़ दें तो 1995 से अब तक लगातार लालू परिवार का विधानसभा क्षेत्र राघोपुर रहा है। महागठबंधन की सरकार में 20 महीने तक तेजस्वी के बड़े भाई तेजप्रताप यादव बिहार के स्वास्थ्य मंत्री भी थे। फिर भी राघोपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है।

बिहार में कोरोना वायरस के मामलों में अब लगातार कमी आ रही है। राज्य में कोरोना का संक्रमण दर 3.11 फीसदी हो गई है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण दर में 1.01 फीसदी की गिरावट आई है। एक दिन पूर्व राज्य में कोरोना संक्रमण दर 4.12 फीसदी थी।

राज्य में शनिवार को 4,375 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई। एक दिन पूर्व राज्य में 5,155 नए संक्रमित मिले थे जबकि 10,151 संक्रमित मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो गए थे। राज्य में स्वस्थ होने की दर 92.12 फीसदी हो गई थी। बता दें कि 15 अप्रैल के बाद कोरोना का आंकड़ा बढ़ना शुरू हुआ था।

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