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बिहार में दंगा: दुर्गा प्रतिमा पर फेंके पत्थर, भीड़ ने 82 साल के मुस्लिम को जला डाला, FIR तक नहीं

सीतामढ़ी में दुर्गा विसर्जन के दिन (20 अक्‍टूबर) को सांप्रदायिक दंगा भड़क गया था। उपद्रवियों ने 82 वर्षीय बुजुर्ग जैनुल अंसारी को जिंदा जला डाला था। स्‍थानीय पुलिस ने 21 दिनों के बाद भी अब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की है।

Author सीतामढ़ी | November 10, 2018 1:12 PM
जैनुल अंसारी के बेटे अखलाक और मोहम्‍मद अशरफ। (फोटो सोर्स: इंडियन एक्‍सप्रेस)

बिहार में पिछले कुछ महीनों में कई जिलों में सांप्रदायिक तनाव की अनेक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सीतामढ़ी में एक 82 वर्षीय ऐसे ही एक दंगे की भेंट चढ़ गए। उपद्रवियों ने उन्‍हें जलाकर मार डाला, लेकिन स्‍थानीय पुलिस ने अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है। बता दें कि सीतामढ़ी में 20 अक्‍टूबर को दंगा हुआ था। स्‍थानीय निवासियों का कहना है कि 20 अक्‍टूबर को लोग दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जा रहे थे, तभी उनपर पत्‍थरबाजी शुरू हो गई थी। इससे प्रतिमा क्षतिग्रस्‍त हो गई थी। देखते ही देखते इस मामले ने सांप्रदायिक दंगे का रूप ले लिया। उसी दिन जैनुल अंसारी (82) बहन से मिलकर आ रहे थे जो शहर से तकरीबन 7 किलोमीटर दूर था। वह साइकिल से घर वापस आ रहे थे। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए स्‍थानीय लोगों ने उन्‍हें न जाने की सलाह भी दी थी। उन्‍होंने उनमें से एक को कहा था कि बुजुर्ग व्‍यक्ति का कोई क्‍या करेगा? कुछ घंटों के बाद उनका जला हुआ शव बरामद हुआ था। उनकी दोनों बांहें और पैर बुरी तरह जले हुए थे। उनके परिवार का आरोप है कि उग्र भीड़ ने उन्‍हें निशाना बना लिया। उनके शव को पोस्‍टमार्टम के लिए सीतामढ़ी से 70 किलोमीटर दूर मुजफ्फरपुर भेजा गया था।

जैनुल अंसारी की हत्‍या में FIR तक नहीं: स्‍थानीय पुलिस ने जैनुल अंसारी की हत्‍या मामले में अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। सीतामढ़ी के एसपी विकास बर्मन ने बताया कि इस मामले में अलग से केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस ने दंगा करने का मामला दर्ज किया है। अंसारी का शव मिलने के बाद उसी में हत्‍या की धारा जोड़ दी गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभी तक इस हत्‍याकांड में किसी की पहचान नहीं की जा सकी है। किसी संगठन या गुट की संलिप्‍तता भी सामने नहीं आई है। दशहरा के दौरान हिंसा के मामले में सीतामढ़ी पुलिस ने 6 FIR दर्ज की है। साथ ही 38 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, लेकिन अंसारी की हत्‍या के मामले में अभी तक किसी को नहीं पकड़ा गया है। पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट मुताबिक, आग लगने से हुए जख्‍म को देखकर अंसारी इस हद तक भयभीत हो गए थे कि उनकी मौत हो गई।

जिंदा जलाने का वीडियो हुआ था वायरल: जैनुल अंसारी की हत्‍या के कुछ दिनों के बाद सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक शख्‍स को सड़क पर आग लपटों में देखा जा सकता है। हालांकि, पुलिस ने वीडियो को ही खारिज कर दिया था। दूसरी तरफ, जैनुल अंसारी के छोटे बेटे मोहम्‍मद अशरफ ने जब इस वीडियो क्लिप को देखा तो वह तुरंत दिल्‍ली से सीतामढ़ी पहुंचे। अशरफ दिल्‍ली में रहते हैं। उन्‍होंने वीडियो में अपने पिता को पहचानने की बात कही। अशरफ ने बताया कि वह अपने बड़े भाई के साथ एसपी और कलेक्‍टर से मुलाकात कर उन्‍हें यह बात बताई थी, लेकिन उन्‍होंने इसे विश्‍वसनीय मानने से इंकार कर दिया था। हालांकि, मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने वीडियो की छानबीन करने की बात कही है। दूसरी तरफ, पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में अंसारी की उम्र 35 वर्ष लिख दी गई है। डॉक्‍टरों से इसे सुधारने का आग्रह किया गया है।

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