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बिहार के सबसे बड़े अस्पताल PMCH के जूनियर डॉक्टर गए हड़ताल पर, स्वास्थ्य सेवा चरमराई

बिहार के सबसे बड़े अस्पताल, पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में जूनियर डॉक्टरों के बुधवार से 24 घंटे की हड़ताल पर चले जाने के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Author पटना | May 24, 2017 4:39 PM
बिहार के PMCH अस्पताल ती तस्वीर (फोटो- Reuters)

बिहार के सबसे बड़े अस्पताल, पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में जूनियर डॉक्टरों के बुधवार से 24 घंटे की हड़ताल पर चले जाने के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीएमसीएच प्रबंधन ने हालांकि अब वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 50 डॉक्टरों की मांग सरकार से की है, जिसमें से 15 डॉक्टरों ने आपातकालीन सेवा में अपना योगदान दिया है। पटना में सोमवार को मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बुधवार सुबह से राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टर 24 घंटे की हड़ताल पर चले गए। पीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के बाद सुबह अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।

डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के कारण ऑपरेशन करा चुके मरीजों और आपातकलीन कक्ष में भर्ती मरीजों की हालत गंभीर हो गई। इस बीच छह मरीजों की मौत की सूचना है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन इलाज के अभाव में मौत की सूचना से साफ इंकार कर रहा है।
जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के कारण ओपीडी में आए रोगियों का इलाज नहीं हो सका।

पीएमसीएच के अधीक्षक लखींद्र प्रसाद ने बताया, “आपातकालीन सेवा के लिए पीएमसीएच में 14 डॉक्टर पहुंच चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन ने हड़ताल से निपटने के लिए 50 डॉक्टरों की मांग की है, जिनके जल्द ही अस्पताल पहुंचने की संभावना है।” उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवा सामान्य तौर पर चल रही है।

पटना में काउंसलिंग के दौरान लाठी चार्ज के विरोध में दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (डीएमसीएच) के जूनियर डॉक्टरों ने भी हड़ताल कर दी है। इसकी वजह से डीएमसीएच में मरीजों की हालत दयनीय हो गई है। मरीजों को निजी क्लीनिक में जाना पड़ रहा है।
पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ़ विनय कुमार ने कहा, “पीजी में नामांकन के लिए काउंसलिंग के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों पर लाठी चार्ज कर दिया और पांच विद्यार्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।”

उन्होंने कहा, जब तक विद्यार्थियों के रिहा नहीं किया जाता है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कारवाई नहीं की जाती है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस 24 घंटे के कार्य बहिष्कार के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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