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बिहार में कोरोना रोकने के लिए नए प्रमुख स्वास्थ्य सचिव का नया प्लान, कहा- डेली टेस्ट को 35 हजार किया…50 हजार तक ले जाने का टारगेट

बिहार में अब तक कोरोना के 57 हजार से ज्यादा केस, हर दिन आ रहे 2.5 हजार नए मामले, पर टेस्टिंग की संख्या में भी इजाफा।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र पटना | Updated: August 3, 2020 9:42 AM
बिहार के प्रमुख स्वास्थ्य सचिव प्रत्यय अमृत।

भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। बिहार में भी हालात कुछ ठीक नहीं हैं। राज्य में अब तक कोरोना के 57 हजार से ज्यादा केस दर्ज हो चुके हैं। वहीं, 322 लोगों की जान गई है। इनमें ज्यादातर केस जुलाई के महीने में ही सामने आए हैं। राज्य में कोरोना के फैलाव में इस तेजी और संक्रमण को रोकने की तैयारियों पर बिहार के प्रमुख स्वास्थ्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जानकारी दी है। उन्होंने बिहार में टेस्टिंग बढ़ाने के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त बेड्स और डॉक्टरों की नियुक्ति से लेकर लोगों का भरोसा जीतने तक पर बात की।

क्या थी आपकी शुरुआती चुनौतियां?
“मैंने राज्य के दो शीर्ष अस्पतालों- नालंदा मेडिकल कॉलेज और पटना मेडिकल कॉलेज का दौरा किया, ताकि स्थिति की सही जानकारी मिल सके। मुझे वॉर्ड के अंदर मरीजों के रिश्तेदारों को देखकर काफी निराशा हुई। इन स्थितियों में तो रिश्तेदार ही कोरोना के सुपर-स्प्रेडर्स बन रहे थे।”

“अब हमने आईएएस और आईपीएस अफसरों को इन दोनों अस्पतालों में नोडल अफसर नियुक्त कर दिया है, ताकि कोरोना मरीजों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SoP) ठीक ढंग से लागू हो। भागलपुर में तीन हफ्तों में कोरोना मरीजों के बढ़ने के बाद मैंने वहां के कोविड अस्पताल की स्थिति की भी जानकारी ली है।”

“हम हॉस्पिटलों के सभी अहम स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा भी लगा रहे हैं। हॉस्पिटल के मेन गेट से मरीजों के अलावा किसी को भी एंट्री नहीं मिलेगी। उनके रिश्तेदार कंट्रोल रूम और रिसेप्शन पर बात कर सकते हैं। मरीज और उनके रिश्तेदारों को वार्ड में ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीमीटर मिलने की बात सुनिश्चित की जा रही है।”

राज्य सरकार रोजाना की टेस्टिंग बढ़ाने के लिए क्या कदम उठा रही है?
“हम पहले ही 1 जुलाई के 7291 के मुकाबले 1 अगस्त तक टेस्टिंग की संख्या 35,619 टेस्ट प्रतिदिन तक पहुंचा चुके हैं। अब हम टेस्टिंग का आंकड़ा 50 हजार प्रतिदिन तक ले जाना चाहते हैं। यह बेहद जरूरी है कि राज्यभर में कोरोना संदिग्धों की स्क्रीनिंग हो, ताकि उन्हें इलाज के लिए भेजा जा सके।”

ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त बेड की संख्या बढ़ाने पर?
“हमारे पास अब तक 12 हजार से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त बेड्स हैं। हमने कोरोना के मध्यम लक्षण वाले मरीजों के इलाज के लिए कोविड केयर सेंटर्स भी खोले हैं, इनमें भी ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम किया गया है। हमारा लक्ष्य आने वाले दिनों में ऑक्सीजन बेड्स की संख्या 48 हजार तक बढ़ाने का है, क्योंकि ज्यादा टेस्टिंग का मतलब होगा ज्यादा मरीज। हम ज्यादातर केसों से निपटने के लिए ब्लॉक स्तर पर अपने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी देख रहे हैं। हम हर जिला अस्पताल को चार वेंटिलेटर्स पहुंचा रहे हैं, ताकि गंभीर मरीजों को पहले ही संभाला जा सके।”

होम आइसोलेशन में रखे गए मरीजों की शायद ही कुछ निगरानी होती है, सरकार इसके लिए क्या कर रही?
“हम दिल्ली के पैटर्न पर ही होम आइसोलेशन में रखे गए मरीजों की जानकारी जुटाने के लिए एजेंसी को जोड़ रहे हैं। यह एजेंसी कोरोना मरीजों को दिन में तीन बार फोन करेगी और उसके तापमान और सांस में समस्या से जुड़े सवाल करेगी। अगर कोई बड़ी दिक्कत होगी, तो यह एजेंसी की जिम्मेदारी होगी कि वह एंबुलेंस सर्विस और हॉस्पिटल से बातचीत करे। हम हर कोशिश कर रहे हैं कि लोग डरें नहीं और सिस्टम पर यकीन करें।”

पटना हाईकोर्ट ने भी डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया, इस पर सरकार का रुख?
“हमने 1 हजार स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हम अब मरीजों के भर्ती होने की शुरुआती स्टेज में मेडिकल छात्रों की भी मदद ले रहे हैं। हमें इस दौरान अपने डॉक्टरों और नर्सों का भी ख्याल रखना है और कोरोना फैलने के मौके भी कम करने हैं। इसके अलावा हर जिले में कंट्रोल रूम्स बनाए गए हैं, जो लोगों को बताते हैं कि उन्हें किस अस्पताल जाना है। हमने एक ऐप ‘संजीवन’ भी लॉन्च की है, जो लोगों को करीब मौजूद अस्पताल से लेकर पास स्थित टेस्टिंग सेंटर और एंबुलेंस की मौजूदगी तक की जानकारी देती है।”

हाल ही में कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें शवों को अस्पताल में ही पड़ा दिखाया गया?
हम इन वीडियो की प्रमाणिकता पर टिप्पणी नहीं कर सकते। हमने संक्रमण रोकने के लिए शव को हटाने की एक समयसीमा तय की है। अगर मरीज के रिश्तेदार शव लेने के लिए नहीं आते हैं, तो जिला प्रशासन वॉलंटियर्स मुहैया कराता है, जो शव को सैनिटाइजेशन का ख्याल रखने हुए दफना देते हैं।

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