जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीजेपी और जेडीयू पर निशाना साधा है। उन्होंने शनिवार को दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना पद छोड़ रहे हैं क्योंकि भाजपा ने पिछले साल विधानसभा चुनावों में एनडीए के लिए ‘तैयार किया गया जनादेश’ हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अब ‘अपना हिस्सा पाने’ को तत्पर है। प्रशांत किशोर ने ईद के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जदयू प्रमुख नीतीश कुमार राज्य पर शासन करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से अयोग्य हैं।

बीजेपी अपना हिस्सा ले रही- प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने कहा, ”मैं यह नहीं कह सकता कि नीतीश कुमार अपनी मर्जी से पद छोड़ रहे हैं या दबाव में। लेकिन एक तरह से मेरी बात सही साबित हुई है। विधानसभा चुनाव से पहले मेरी जमकर आलोचना हो रही थी जब मैंने भविष्यवाणी की थी कि एनडीए के जीतने पर भी उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा। एनडीए की हार की मेरी भविष्यवाणी शायद गलत साबित हुई हो। लेकिन नीतीश कुमार के बारे में (जो शारीरिक और मानसिक रूप से स्पष्ट रूप से अस्वस्थ हैं) मेरी भविष्यवाणी सही निकली। आखिर गठबंधन को विधानसभा में भारी बहुमत मिलने के कुछ ही महीनों बाद कोई मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा क्यों देगा?”

‘एनडीए को मिला जनादेश तैयार किया गया’

प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले बिहार चुनावों में एनडीए को मिला जनादेश ‘तैयार किया गया’ था। उन्होंने आरोप लगाया, ”दस हजार रुपये देकर वोट खरीदे गए।” प्रशांत किशोर का इशारा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की ओर था, जिसे बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले शुरू किया गया था। योजना के तहत राज्य की 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। प्रशांत किशोर ने कटाक्ष करते हुए कहा, ”केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग ने एनडीए को मिले भारी जनादेश को हासिल करने में अपनी-अपनी भूमिका जरूर निभाई होगी। इसलिए, यह आश्चर्य की बात नहीं है कि बीजेपी बिहार में अपना हिस्सा प्राप्त करना चाहती है।”

ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए नीतीश कुमार के राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के बाद भाजपा पहली बार बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने में सफल होगी। जब प्रशांत किशोर से अगले संभावित मुख्यमंत्री के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, ”विधानसभा चुनावों में मेरी अपनी पार्टी के बारे में मेरी भविष्यवाणी गलत साबित हुई थी।”

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद साथी रहे केसी त्यागी ने जेडीयू का साथ छोड़ दिया है। उन्होंने एक पत्र सोशल मीडिया पर शेयर किया है। केसी त्यागी ने अपने पत्र में कहा कि वह जेडीयू की सदस्यता रिन्यू नहीं कराएंगे। पढ़ें पूरी खबर