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नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश रची गई थी, इसलिए हम 43 सीट जीते- RCP विवाद पर बोले JDU अध्यक्ष, चिराग पासवान को भी घेरा

आरसीपी सिंह को लेकर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन कहा कि जदयू डूबता जहाज नहीं है, यह एक नौकायन जहाज है, कुछ लोग इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश रची गई थी, इसलिए हम 43 सीट जीते- RCP विवाद पर बोले JDU अध्यक्ष, चिराग पासवान को भी घेरा
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह। (फोटो सोर्स: ANI)

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन ने रविवार (7 अगस्त, 2022) कहा कि सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश थी, इसलिए हमने विधानसभा में केवल 43 सीटें जीतीं, लेकिन अब हम सतर्क हैं। इस दौरान उन्होंने चिराग पासवान पर भी निशाना साधा। रंजन ने कहा कि 2020 के चुनाव में एक मॉडल चिराग पासवान के नाम से सामने आया, जबकि दूसरा वर्तमान में बनाया जा रहा है।

आरसीपी सिंह को लेकर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन कहा कि जदयू डूबता जहाज नहीं है, यह एक नौकायन जहाज है, कुछ लोग इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उन लोगों की पहचान की जो इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे और इसे सुधारने के लिए कदम उठाए।

जदयू के नेता ललन सिंह ने आरसीपी सिंह पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा, जब नीतीश कुमार साल 2005 में मुख्यमंत्री बने तो उनके वह सचिव थे। 2009 के चुनाव में उनकी इच्छा थी कि लोकसभा चुनाव लड़ने की। सीएम ने कहा लड़िए, साल 2010 में उनकी इच्छा थी। सीएम ने कहा लड़िए। पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने खुद इस्तीफा देकर बनाया। आरसीपी सिंह पार्टी के बारे में कुछ नहीं जानते हैं। कोई ज्ञान नहीं उनके पास है। वह कभी संघर्ष के साथ नहीं रहे। वह केवल सत्ता के साथी रहे।

राजीव रंजन सिंह ने कहा कि जदयू को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की क्या जरूरत है? 2019 में ही, आम सहमति पर पहुंचने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया कि हम केंद्र सरकार में शामिल नहीं होंगे और हम इसके साथ काफी मजबूती से खड़े हैं। नीतीश कुमार के व्यक्तित्व को धूमिल करने की साजिश थी।

बता दें, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कभी काफी करीबी माने जाने वाले जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपीसी सिंह ने शनिवार (6 अगस्त, 2022) को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नालंदा में अपने गांव मुस्तफापुर में इस इस्तीफे का ऐलान किया। हाल में जदयू ने उन्हें तीसरी बार राज्यसभा भेजने से मना कर दिया था, जिसकी वजह से उन्हें मोदी सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।

इस्तीफे की घोषणा के साथ आरसीपी सिंह ने कहा था कि इस पार्टी में कुछ नहीं बचा है। उन्होंने जेडीयू को डूबता हुआ जहाज बताया था। सिंह ने कहा था कि हमसे चिढ़ है, तो हमसे निपटो, हमारे पास विकल्प खुले हुए हैं। वर्तमान समय में मुझ पर अकूत संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था।

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