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बिहार: पूर्व सांसद ने BJP से दिया इस्तीफा, महागठबंधन से लड़ सकते हैं चुनाव

पुर्णिया लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके भाजपा के वरिष्ठ नेता उदय सिंह ने भाजपा को अलविदा कह दिया है। उन्होंने अपने 5 पन्नों का इस्तीफा पत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भेज दिया है।

पूर्व सांसद उदय सिंह फोटो सोर्स- फेसबुक

पुर्णिया लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके भाजपा के वरिष्ठ नेता उदय सिंह ने भाजपा को अलविदा कह दिया है। उन्होंने अपने 5 पन्नों का इस्तीफा पत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि वह अब महागठबंधन के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए उनसे बातचीत करेंगे और इसके अलावा उनके पास निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने का भी विकल्प है।

उल्लेखनीय है कि उदय सिंह ने कुछ दिन पहले अपने फेसबुक पेज पर एक लंबी टिप्पणी लिख कर भाजपा नेतृत्व पर सवाल उठाया था। उसी वक्त से कयास थे कि वह पार्टी छोड़ सकते हैं। हालांकि, सूत्रों का यह भी कहना है कि जदयू के साथ भाजपा के सीट शेयरिंग फॉर्मूले के बाद उनका टिकट कट रहा था, इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ दी। उन्हें नीतीश कुमार का धुरविरोधी
माना जाता है।

जदयू के साथ सीट शेयरिंग से थे नाराज- उदय सिंह जदयू के साथ भाजपा के सीट समझौते को लेकर नाराज चल रहे थे। उनका कहना था कि जदयू के सामने भाजपा ने घुटने टेक दिये थे। अमित शाह को भेजे गये इस्तीफा पत्र में उदय सिंह ने लिखा है, ‘पहले आदरणीय अटलजी के समय में और उसके बाद आडवाणी जी के समय में हम सभी सांसद बिना किसी संकोच के अपनी बातों को पार्टी के सामने रखा करते थे और हमारी बातों पर हमेशा सकारात्मक चर्चा के उपरांत ही पार्टी निर्णय लिया करती थी। यही कारण हुआ कि तमाम विरोधों के बावजूद नरेंद्र मोदी जी को हम सभी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बना पाये थे।’

इसके बाद उन्होंने लिखा है, ‘परंतु अफसोस है कि जिन लोगों ने तब नरेंद्र मोदी जी का मुखर विरोध किया था, उसी प्रबल विरोधियों के साथ अपनी पार्टी में बगैर किसी चर्चा के, बगैर किसी मशविरा के रारोंरात गठबंधन बना कर हम बिहार सरकार में सिर्फ सत्ता के लिए शामिल हो गये।’ उन्होंने कहा कि बिहार में अपनी सरकार होने के बावजूद सरकार में कार्यकर्ताओं की एक नहीं सुनी जाती है। उदय सिंह ने लिखा है, ‘आगामी लोकसभा चुनाव केलिए हमने जदयू को अपने अपने बराबर 17 सीटें दे दी हैं। क्या हम स्वीकार कर रहे हैं कि भाजपा कमजोर है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता घट गयी है?’

‘बिहार में महाजंगलराज’- पूर्व सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि पहले अगर बिहार में जंगलराज था, तो आज महाजंगलराज है। उन्होंने लिखा है, ‘वर्ष 2005 में बिहार में एनडीए की सफलता का मूल कारण यहां की गिरती हुई कानून व्यवस्था थी। उस समय जिसे एनडीए के हमसभी लोग जंगलराज कहा करते थे, यदि वह जंगलराज की स्थिति थी, तो आज बिहार में महाजंगलराज की स्थिति है।’

उदय सिंह को विरासत में मिली सियासत- उदय सिंह का जन्म 9 नवंबर 1952 को पटना में हुआ। उन्हें सियासत विरासत में मिली। उनकी मां माधुरी सिंह भी सक्रिय राजनीति में रहीं। वह 1980 और 1984 में कांग्रेस के टिकट पर दो बार पुर्णिया से ही सांसद बनीं। लेकिन, उदय सिंह ने भाजपा के साथ राजनीति में आये। वर्ष 2004 में वह भाजपा के टिकट पर पुर्णिया लोकसभा सीट से जीत दर्ज की। उन्हें पार्टी ने वर्ष 2009 में भी टिकट दिया और वह दोबारा इस सीट से जीत गये। वर्ष 2014 के चुनाव में भी उन्हें पार्टी ने टिकट दिया था, लेकिन जदयू के संतोष कुमार के हाथों उनकी हार हुई।

बताया जाता है कि उनका जन्म 9 तारीख को हुआ, इसलिए 9 नवंबर को वह बहुत अहम मानते हैं और उनकी कमोबेश सभी गाड़ियों का नंबर 9 नंबर सीरीज का है। और तो और उन्होंने शादी भी 9 तारीख (9 अक्टूबर 1992) को ही की थी।

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