बिहार विधान परिषद चुनाव: जिस सीट पर नीतीश कुमार चाहते हैं अपने भाजपाई दोस्त को जिताना, राजद-कांग्रेस ने भी खड़े कर दिए अपने उम्मीदवार

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने शनिवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दोनों उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करते हुए कहा कि गया स्नातक सीट से अजय कुमार सिंह और गया शिक्षक सीट से हृदय नारायण यादव को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया गया है।

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बिहार में नौ मार्च को होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर राज्य में सत्ताधारी महागठबंधन में दरार पड़ती दिख रही है। हालांकि, गठबंधन के नेता इससे इनकार कर रहे हैं। कांग्रेस ने शनिवार को उन दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी, जहां महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पहले से ही अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतार चुकी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने शनिवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दोनों उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करते हुए कहा कि गया स्नातक सीट से अजय कुमार सिंह और गया शिक्षक सीट से हृदय नारायण यादव को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा, “इसे महागठबंधन के दरार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। विधान परिषद के चुनाव व्यक्तिगत क्षमता के हिसाब से लड़े जाते हैं।” उन्होंने कहा कि आलाकमान से हिदायत मिलने के बाद कांग्रेस ने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि अन्य दलों की तरह राज्य में कांग्रेस भी अपनी स्थिति मजबूत करने पर काम कर रही है।

चौधरी ने कहा, “पिछले चुनाव में कांगेस के प्रत्याशी गया में दोनों ही निर्वाचन क्षेत्रों से दूसरे नंबर पर रहे थे, इसलिए इन दोनों सीट पर हमारा अधिकार महागठबंधन के अन्य दोनों घटक दलों से अधिक है।”

उल्लेखनीय है कि बिहार में चार सीटों पर होने वाले विधान परिषद सीटों के लिए महागठबंधन में शामिल राजद और जद (यू) पहले से ही दो-दो उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। नीतीश कुमार की जद (यू) सारण स्नातक और कोसी शिक्षक सीट से चुनाव लड़ रही है।

गौरतलब है कि इन चारों क्षेत्रों के वर्तमान विधान पार्षदों का कार्यकाल आठ मई को समाप्त हो रहा है। इस चुनाव के लिए प्रत्याशी 20 फरवरी तक नामांकन कर सकते हैं तथा 23 फरवरी तक नाम वापस ले सकते हैं। मतदान नौ मार्च को और मतगणना 15 मार्च को होगी।

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