बिहार में दस साल से लागू शराबबंदी पर पुनर्विचार की मांग सत्ताधारी गठबंधन के भीतर फिर से उठने लगी है। एनडीए के सहयोगी दलों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस नीति की समीक्षा करने को कहा है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि शराबबंदी का सिद्धांत गलत नहीं है, बल्कि इसका क्रियान्वयन गलत तरीके से हुआ है।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि शराब नीति गलत नहीं है और शराबबंदी लागू की जानी चाहिए। हालांकि, इसके कार्यान्वयन में खामियां हैं। मांझी ने कहा कि हमारे राज्य में प्रवर्तन अधिकारी उन्हीं लोगों को पकड़ लेते हैं, जबकि बड़े पैमाने पर तस्करी करने वालों को पैसे लेकर छोड़ दिया जाता है। नीतीश कुमार को कार्रवाई करनी चाहिए। शराबबंदी से बिहार सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है और नीतीश कुमार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
मांझी ने कहा कि शराबबंदी बिहार सरकार को काफी वित्तीय नुकसान पहुंचा रही है। सीएम नीतीश कुमार को इस पर ध्यान देना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2016 में नीतीश कुमार के महागठबंधन सरकार का नेतृत्व करने के दौरान लागू किए गए इस प्रतिबंध के कारण 8.43 लाख से अधिक मामले और लगभग 12.8 लाख गिरफ्तारियां हुई हैं, लेकिन राजस्व को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
शराबबंदी से पहले बिहार को शराब की बिक्री से सालाना 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की आय होती थी। महिलाओं को सीधे नकद हस्तांतरण, उच्च पेंशन और बिजली सब्सिडी सहित नई कल्याणकारी योजनाओं पर 28,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की संभावना है। राज्य की तंग वित्तीय स्थिति को देखते हुए एनडीए के भीतर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह प्रतिबंध टिकाऊ है।पिछले वर्ष बिहार का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 9.2% था।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद (एनडीए के सहयोगी) ने विधानसभा में कानून की ‘विस्तृत समीक्षा’ की मांग की। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून लागू हुए 10 साल हो गए हैं। इन दस वर्षों में हमने क्या हासिल किया और क्या खोया, इसका आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि होम डिलीवरी के माध्यम से शराब अभी भी उपलब्ध है और युवाओं में नशीली दवाओं का सेवन बढ़ गया है।
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अभिनेता और राजद नेता खेसारी लाल यादव ने RLM विधायक माधव आनंद द्वारा बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग पर कहा कि बंद उन्होंने(NDA) ही करवाया और समीक्षा भी वे ही करवा रहे हैं? इसे क्या कहें? कि चोरी भी हमने की है और चोर भी हम ही ढ़ूंढ रहे हैं। वे किसकी समीक्षा करेंगे? लापरवाही भी उन्हीं की है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी के बयान पर उन्होंने कहा कि मैं मनोज भईया का हमेशा से छोटा भाई रहा हूं और हमेशा रहूंगा। मुझे उनका प्यार पाने के लिए किसी पार्टी में शामिल होने की जरूरत नहीं है।
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