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बिहार: नक्सलियों ने अगवा किए गए दो रेल कर्मियों को सकुशल किया रिहा

भागलपुर-किउल रेलखंड पर स्‍थित मधुसूदनपुर रेलवे स्टेशन से अगवा सहायक स्टेशन मास्टर मुकेश कुमार और पोर्टर नरेन्द्र मंडल बुधवार शाम सकुशल रिहा कर दिए गए।

नक्सलियों ने सिग्नल पैनल भी फूंक डाला था। (ANI Pic)

भागलपुर-किउल रेलखंड पर स्‍थित मधुसूदनपुर रेलवे स्टेशन से अगवा सहायक स्टेशन मास्टर मुकेश कुमार और पोर्टर नरेन्द्र मंडल बुधवार शाम सकुशल रिहा कर दिए गए। पुलिस का कहना है कि नक्‍सलियों ने दबाव में आकर उन्‍हें छोड़ दिया। दोनों को मंगलवार रात करीब 12 बजे अगवा किया गया था। नक्सलियों ने सिग्नल पैनल भी फूंक डाला था। घटना के बाद इस रेलखंड पर काफी देर तक रेल परिचालन रोकना पड़ा था। भागलपुर रेंज के आईजी सुशील खोपड़े ने खुद धरहरा में कैंप किया था। उन्‍होंने शाम को दोनों की रिहाई की खबर दी।

इस घटना के बाद रेलवे टेलीफोन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी। हालांकि, बाद में सिग्नलिंग पैनल को ठीक कर दिया गया और ट्रेनों की आवजाही शुरू कर दी गई है। दिलचस्प है कि मंगलवार को पूर्वी रेलवे के महाप्रबंधक हरेंद्र राव जमालपुर रेल कारखाने का मुआयना कर रात 10 बजे जमालपुर-हावड़ा ट्रेन में लगी अपनी सैलून से रवाना हुए थे। बुधवार को नक्सलियों ने बिहार बंद का ऐलान कर रखा था और आधी रात से ही अपना तांडव दिखाना शुरू कर दिया। फिलहाल 24 घंटे के नक्सली बंद की समय समाप्ति का शायद पुलिस इंतजार कर रही है।

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जमालपुर रेल पुलिस अधीक्षक शंकर झा ने बुधवार को बताया था कि नक्सली हमले की खबर मिलते ही रेल अधिकारी मौके पर पहुंच गए और इन अगवा कर्मियों को छुड़ाने की कोशिश में लग गए थे। ध्यान रहे कि सोमवार आधी रात को जमुई के सिकंदरा थाना के तहत लछुआर के जंगली इलाके में निर्माणाधीन कुंड घाट डैम के बेस कैंप पर हथियारबंद नक्सलियों ने हमलाकर दो नाईटगार्ड्स को अगवाकर लिया था। बाद में इनकी हत्या भी कर दी थी। मृतकों में सहदेव राय (50) और गांगुली कोड़ा (40) शामिल हैं।

इस घटना की जमुई के एसपी जयंतकांत ने पुष्टि की थी। मालूम हो कि मंगलवार रात की घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से इस रूट पर आने जाने वाली ट्रेनों को जहां-तहां रोक दिया गया था। गया-जमालपुर सवारी गाड़ी अभयपुर से खुलने के बाद कोई संपर्क नहीं हो सका था। काफी देर के बाद ट्रेन के ड्राइवर संजय कुमार, सहायक ड्राइवर अमित कुमार और गार्ड वीके सिंहा से उनके मोबाइल पर बातचीत होने पर रेलवे के आला अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

फरक्का-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन रात डेढ़ बजे सुल्तानगंज तो डाउन दिल्ली-फरक्का एक्सप्रेस खुशरूपुर स्टेशन पर रोक दी गई थी। हावड़ा-राजगीर सवारी गाड़ी भागलपुर स्टेशन तो दिल्ली-डिब्रूगढ़ ब्रह्मपुत्र मेल ट्रेन को क्युल के पहले मनकठ्ठा स्टेशन पर रोका गया था। वहीं, मसुदनपुर स्टेशन के पैनल कैबिन में आग लगा दिए जाने से स्टेशन का संपर्क टूट गया था, जिसे तड़के तक बहाल किया जा सका। जिला पुलिस, रेलवे पुलिस, आरपीएफ, सीआरपीएफ, बीएमपी के जवान अगवा रेल कर्मियों को ढूंढने में लग गए थे।

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