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बिहार: बालिका गृह की तीन मासूम गर्भवती, कई का कराया गर्भपात, 14 वर्ष तक की बच्चियों को बनाया हवस का शिकार

मुजफ्फरपुर सेक्स स्कैंडल में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मेडिकल जांच में तीन मासूम बच्चियां गर्भवती पाई गई हैं। बिहार महिला आयोग को कई बच्चियों का गर्भपात कराने की भी सूचना मिली है।

बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित बालिका गृह में यौन शोषण का भंडाफोर हुआ है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण कांड में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मेडिकल रिपोर्ट में बर्बरता की शिकार कई बच्चियों के गर्भवती होने की बात सामने आई है। पूर्व में कई नाबालिगों का गर्भपात भी कराया गया। महिला आयोग को नए तथ्यों के बारे में रिपोर्ट सौंपी गई है। ‘प्रभात खबर’ के अनुसार, पीड़ित बच्चियों की मेडिकल जांच पटना के एक अस्पताल में कराई गई थी। बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष दिलमणि मिश्र के मुताबिक, इस बाबत उनके पास सूचनाएं भेजी गई हैं। अभी यह तय नहीं है कि कितनी बच्चियों के साथ ऐसा किया गया है। बालिका गृह में यौन शोषण का खुलासा होने के बाद महिला आयोग की टीम ने मुजफ्फरपुर का दौरा भी किया था। बता दें कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में बालिका गृह की बच्चियों के साथ यौन शोषण का खुलासा हुआ था। रिपोर्ट में राज्य सरकार से इस मामले में अविलंब सख्त कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई थी। यौन शोषण का भंडाफोड़ होने के बाद बालिका गृह को अविलंब बंद कर दिया गया था और वहां रहने वाली बच्चियों को पटना, मोकामा और मधुबनी में शिफ्ट कराया गया था।

6-14 वर्ष की बच्चियां बनीं शिकार: बालिका गृह में रहने वाली छह से 14 वर्ष की बच्चियां हैवानियत की शिकार बनी थीं। पीड़िताओं का पटना के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुछ आरोपियों की पहचान भी कराई गई है। नाबालिग बच्चियों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। बताया जाता है कि जांच में कुछ बच्चियों के शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। ऐसे में उनके साथ हिंसा की भी आशंका जताई जा रही है। मुजफ्फरपुर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर ने बताया कि बालिका गृह के संचालक को पूरे कुकृत्य के बारे में जानकारी थी, लेकिन उसने इसे रोकने की कोशिश तक नहीं की। एसएसपी ने बताया कि कुछ लोग पुलिस के रडार पर हैं। बता दें कि इस घिनौने मामले में अन्य धाराओं के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के बाद जागी थी बिहार सरकार: टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस ने बिहार समाज कल्याण विभाग को रिपोर्ट सौंपी थी। मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह का संचालन ‘सेवा संकल्प एवं विकास समिति’ नामक गैरसरकारी संस्था करती थी। ब्रजेश पाठक को सेक्स रैकेट का सरगना बताया जा रहा है। पुलिस उसे पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। बालिका गृह से नाबालिग बच्चियों को नेताओं-अफसरों के यहां भेजा जाता था। ब्रजेश ठाकुर ने अदालत में जमानत की अर्जी दाखिल की है, जिसके बाद स्पेशल कोर्ट ने पुलिस डायरी पेश करने का निर्देश दिया है। इस मामले पर अब 14 जून को सुनवाई की जाएगी।

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