मधेपुरा जिला प्रशासन ने सोमवार को उन खबरों और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का जोरदार खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि सिंहेश्वर मंदिर में भगदड़ मच गई और बैरिकेडिंग टूट गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
एएनआई से बात करते हुए जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक रंजन ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए भीड़ नियंत्रण के लिए मानक प्रक्रियाओं (SOP) का सख्ती से पालन किया जा रहा था। उन्होंने सुबह के समय किसी भी अप्रिय घटना की खबरों को खारिज किया।
डीएम रंजन ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान कहा, “हम भगदड़ की घटना से संबंधित खबरों का पूरी तरह खंडन करते हैं। सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच ऐसी कोई घटना नहीं हुई। बैरिकेडिंग टूटने का दावा भी गलत है, ऐसा कुछ नहीं हुआ। जहां तक घायलों की बात है, कुछ लोगों को डिहाइड्रेशन की समस्या हुई थी। उन्हें मेडिकल कैंप में तरल पदार्थ दिए गए और बाद में इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।”
भगदड़ की कोई घटना नहीं हुई- डीएम
जिलाधिकारी ने आगे कहा, “भीड़ के कुछ हिस्से के अनियंत्रित होने के बीच हमारे पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे और एसओपी के अनुसार स्थिति को संभाल रहे थे। हमने सुनिश्चित किया कि घायल हुए हर व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता मिले और जरूरत पड़ने पर उसे उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जाए। मौके पर एंबुलेंस के साथ सिंहेश्वर पीएचसी के डॉक्टर और नर्स भी तैनात थे। हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि भगदड़ की कोई घटना नहीं हुई और फिलहाल स्थिति सामान्य है।”
पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने भी सोशल मीडिया पर फेक वीडियो क्लिप प्रसारित किए जाने को लेकर लोगों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में लगी सभी लोहे की बैरिकेडिंग पूरी तरह सुरक्षित और अपनी जगह पर है।
एसपी ने अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा
एसपी सिंह ने कहा, “हमने अभी कुछ चुनिंदा वीडियो क्लिप के आधार पर सामने आई खबरों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। दावा किया गया कि बैरिकेडिंग टूट गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि वहां लगाई गई लोहे की बैरिकेडिंग पूरी तरह सुरक्षित है। दूसरी बात, एक चुनिंदा वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें भीड़ को गेट के रास्ते अंदर जाते हुए दिखाया गया है। अगर आप किसी भी धार्मिक स्थल पर जाते हैं, तो वहां भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष एसओपी और बैरिकेडिंग की व्यवस्था होती है। भीड़ को नियंत्रित तरीके से कम अंतराल पर अंदर जाने दिया जाता है और उन्हें निर्धारित स्थान की ओर ले जाया जाता है। मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार गेट खोले और बंद किए जाते हैं।”
लोगों से केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील करते हुए एसपी ने कहा, “मेरा अनुरोध है कि आप केवल मधेपुरा पुलिस और मधेपुरा जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भरोसा करें। किसी भी तरह की अफवाह के बारे में हमें इसकी जानकारी दें। हम यहां मौजूद हैं और उचित कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं। हम प्रसारित की जा रही किसी भी नकारात्मक खबर या गलत सूचना का सक्रिय रूप से खंडन भी कर रहे हैं।”
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