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दूसरे साल भी लालू के घर नहीं होगा दही-चूड़़ा भोज, बेल नहीं मिलने से मायूसी

पिछले साल भी लालू प्रसाद यादव के जेल में होने और उनकी बड़ी बहन गंगोत्री देवी के निधन के चलते मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन नहीं हो पाया था।

लालू प्रसाद यादव (file pic)

राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव के आवास पर लगातार दूसरे साल मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन नहीं होगा। बता दें कि लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला मामले में दोषी पाए जाने के बाद जेल में बंद है। लालू यादव ने हाल ही में जमानत के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की थी, जिसे अदालत द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था। बता दें कि लालू प्रसाद यादव के 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास पर हर साल दही-चूड़ा भोज का शानदार आयोजन किया जाता रहा है। इस आयोजन में लालू परिवार के सदस्य खुद विभिन्न पार्टियों के राजनेताओं और आम लोगों को अपने हाथ से दही-चूड़ा परोसते रहे हैं। पिछले साल भी लालू प्रसाद यादव के जेल में होने और उनकी बड़ी बहन गंगोत्री देवी के निधन के चलते मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन नहीं हो पाया था। अब इस साल भी लालू के जेल में होने के चलते दही-चूड़ा कार्यक्रम का आयोजन नहीं करने का फैसला किय गया है।

टीओआई की एक खबर के अनुसार, राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने भी इस बात की पुष्टि की है। गगन ने कहा कि ‘गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट द्वारा लालू यादव की जमानत रद्द करने के चलते ही आयोजन को रद्द करने का फैसला किया गया है।’ गगन ने कहा कि ‘हम सभी को उम्मीद थी कि उनके खराब स्वास्थ्य के चलते अदालत जमानत दे देगी। चारा घोटाले के मामले में अन्य को जमानत दे दी गई है। हालांकि उन्हें जेल में रहते हुए एक साल से ज्यादा हो गया है।’ राजद प्रवक्ता ने बताया कि ‘पार्टी के नेता दही-चूड़ा, तिलकुट, गुड़ आदि लेकर रांची जाएंगे, चाहे उन्हें मिलने की इजाजत ना मिले, लेकिन वहां पहुंचकर ही लोगों को संतुष्टि हो जाएगी।’

वहीं दूसरी तरफ जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह इस साल मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज का भव्य आयोजन करने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जदयू प्रदेश अध्यक्ष के इस कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान समेत प्रदेश के कई बड़े नेता शिरकत करेंगे। वशिष्ठ नारायण सिंह के अनुसार, उन्होंने 10,000 लोगों के लिए अपने घर पर खाने का आयोजन किया है। उल्लेखनीय है कि बिहार की राजनीति में दही चूड़ा भोज का बड़ा महत्व है। साल 2016 में जब बिहार में महागठबंधन की सरकार सत्ता में थी, तो नीतीश कुमार ने लालू यादव के घर पर हुए दही चूड़ा भोज में शिरकत की थी। इस दौरान लालू यादव ने नीतीश के माथे पर दही लगायी थी, जिसे एकता का प्रतीक माना जाता है। हालांकि अगले साल जुलाई में ही नीतीश ने महागठबंधन से नाता तोड़ लिया था।

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