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बिहारः राम भरोसे भागलपुर के आइसोलेशन कैंप! न ढंग का खाना, न ही साफ पानी, होता है हंगामा; सोशल डिस्टेंसिंग की भी उड़ रहीं धज्जियां

जिलाधीश प्रणब कुमार और प्रशिक्षु आईएएस आशुतोष द्विवेदी ने एसडीओ मुकेश कुमार के साथ दो दिन पहले नवगछिया के इन शिविरों का मुआयना किया था। बुरी हालत देख अंचलाधिकारी को फटकार लगाते हुए फ़ौरन सुधार करने को कहा था। फिर भी हाल जस के तस हैं।

Coronavirus, Lockdown, Bhagalpur, Bihar, Isolation Camps, Quarantine Camps, Food, Water, Hindi Newsभागलपुर ज़िले के नवगछिया रंगरा के शिविर में आपस में भिड़े मजदूर। (फोटोः जनसत्ता ऑनलाइन)

कोरोना संकट के बीच बिहार के भागलपुर प्रखंडों में पृथक शिविरों (आइसोलेशन कैंप/क्वारंटीन सेंटर) की खस्ता हालत पर वहां रखे गए लोग रोज हंगामा करते हैं। कभी पानी की किल्लत तो किसी दिन घटिया भोजन तो कहीं सुरक्षा को लेकर बवाल मच जाता है। जिला के नवगछिया स्थित रंगरा प्रखंड में रविवार ठहराए गए लोग आपस में ही जा भिड़े।

नतीजतन करीब दर्जन भर के जख्मी होने की खबर है। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। बताया गया कि नाश्ते के लिए लाइन में लगने के दौरान आगे-पीछे होने के चक्कर में मारपीट हुई थी। काफी देर ईंट-पत्थर चले। बता दें कि मौजूदा समय में 350 लोग को आइसोलेट कर रखा गया है।

सेंटर पर सोशल डिस्टेंसिंग का नामोनिशां नहीं दिखता। छोटी-छोटी बात पर गुथम-गुत्थी हो जाती है। शनिवार को भी रंगरा पृथक शिविर में पीने के पानी का इंतजाम न होने पर रोजेदारों ने हल्ला काटा था। इफ्तारी के समय उन्हें न तो साफ पानी मिलता है, न ही पर्याप्त नाश्ता।

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जिलाधीश प्रणब कुमार और प्रशिक्षु आईएएस आशुतोष द्विवेदी ने एसडीओ मुकेश कुमार के साथ दो दिन पहले नवगछिया के इन शिविरों का मुआयना किया था। बुरी हालत देख अंचलाधिकारी को फटकार लगाते हुए फ़ौरन सुधार करने को कहा था। फिर भी हाल जस के तस हैं।

दूसरे राज्यों से बिहार आए मजदूरों या दूसरे लोगों को उनके आने पर उनके गांव के नजदीक प्रखंडों में सरकारी इंतजाम के तहत रखने का बंदोबस्त हुआ है। हालांकि, व्यवस्था दुरुस्त न होने की शिकायतें हरेक जगहों से लगातार आई हैं।

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गोराडीह और पीरपैंती के पृथक शिविरों की हालत बेकाबू है। सुल्तानगंज के नौ शिविर में सवा सात सौ लोग हैं। हालत संतोषजनक नहीं हैं। सैदपुर के कैंप से पृथक रखे गए लोग बाहर निकल गांव में निकल इधर-उधर घूम रहे हैं। भोजन के नाम पर चूड़ा-मुड़ी-दालमोठ देने की शिकायत लोग कर रहे हैं। पीरपैंती पृथक शिविर में हिफाजत की कमी है। पीने के पानी और शौचालय का अभाव है। इशीपुर बाराहाट कैंप से लोग निकल गांव में अपनों से मिल रहे हैं, जिससे गांव के दूसरे लोग संक्रमण की फिक्र में डूबे हैं।

एसएसपी आशीष भारती ने बताया कि ज़िले के 44 शिविरों में सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जा रहा है। इलाके के डीएसपी, इंस्पेक्टर और थानेदारों को हिदायत दी गई है। शिविरों में जाकर रोजाना मुआयना करें और उनकी शिकायतों पर अंचलाधिकारी से मिल गौर करें।

वैसे, भागलपुर ही नहीं बिहार के कमोबेश हरेक प्रखंड स्तर पर बने पृथक शिविर बदइंतजामी का शिकार हैं। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इतवार को ट्वीट कर सरकार पर आरोप लगाया है कि शिविरों में पशुओं से भी बदतर खाना मनुष्य को दिया जा रहा है। उन्होंने सहरसा के एक शिविर के कैंप में दिए जा रहे भोजन की तस्वीर भी शेयर की है।

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