बिहार के जहानाबाद जिले में एक प्राइवेट हॉस्टल में रहने वाले मासूम छात्र की जघन्य हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने बताया कि विद्यालय की कैंटीन के एक गार्ड ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उस पर आरोप है कि उसने बच्चे का यौन उत्पीड़न किया और फिर उसका गला काट दिया।
पुलिस ने कहा कि आरोपी ने संस्था को बदनाम करने के इरादे से यह कृत्य किया था। पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान के अनुसार, यह घटना 6 अप्रैल को सामने आई। जिसके बाद नाराज स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और एक राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया।
एसपी ने बताया कि छात्र की मौत की खबर मिलते ही गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-22 को जाम कर दिया। उपमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में पुलिस दल मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को शांत किया और जाम हटवाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (पीएमसीएच) भेज दिया गया है।
मृतक छात्र के पिता द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2), 64(एफ), 70(2) और 103 के तहत बलात्कार और हत्या से संबंधित, साथ ही यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
एसपी लोहान ने बताया कि एफआईआर में हॉस्टल संचालक को अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ आरोपी बनाया गया है। उन्होंने आगे बताया कि हॉस्टल संचालक को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीपीओ (सदर) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान, हॉस्टल में कार्यरत 46 वर्षीय कैंटीन गार्ड मुकेश कुमार पर संदेह हुआ।
एसपी ने बताया कि शुरू में आरोपी ने संलिप्तता से इनकार किया। हालांकि, एफएसएल टीम द्वारा घटनास्थल की दोबारा फोरेंसिक जांच और नए तकनीकी साक्ष्य सामने आने के बाद उससे फिर से पूछताछ की गई। उन्होंने आगे बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपराध का विवरण दिया।
पुलिस के अनुसार, घटना के समय आरोपी शराब के नशे में था। अधिकारी ने बताया कि उसने कहा कि उसने अपने कमरे का दरवाजा खुला छोड़ दिया था और रात में टेलीविजन बंद करने के बाद जब बच्चे शौचालय की ओर जा रहे थे तो वह उन्हें देख रहा था।
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अकेला रहता था क्योंकि उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी और उसकी कोई संतान नहीं थी। उसके अनियमित व्यवहार का इतिहास भी सामने आया था। जांचकर्ताओं ने बताया कि हॉस्टल के बच्चे कथित तौर पर उसे नपुंसक कहकर उसका मजाक उड़ाते थे। जिससे वह अपमानित और नाराज महसूस करता था।
एसपी लोहान ने आगे कहा कि आरोपी को छात्रावास प्रबंधन के प्रति भी द्वेष था। उसने पहले भी संस्थापक को धमकी दी थी कि वह कुछ ऐसा करेगा जिससे छात्रावास बंद हो जाएगा।
फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की प्रारंभिक जांच के अनुसार, घटनास्थल से एकत्र किए गए फोरेंसिक साक्ष्यों में आरोपी के तकिए के कवर पर पाए गए खून के धब्बे और छात्रावास की रसोई के एक पाइप में पाए गए खून के निशान शामिल हैं। सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से संदिग्ध गतिविधि और असामान्य व्यवहार का भी संकेत मिला। जिसमें आरोपी को बार-बार अलग-अलग मंजिलों के बीच घूमते हुए देखा गया।
एसपी ने बताया कि तीन सदस्यीय चिकित्सा समिति द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में यौन उत्पीड़न और हत्या की पुष्टि हुई है। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपपत्र दाखिल करेगी और मामले की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करेगी। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के मद्देनजर जहानाबाद के जिला मजिस्ट्रेट ने जिले भर के निजी छात्रावासों का निरीक्षण करने के लिए एक टीम का गठन किया है।
NDA कब घोषित करेगा बिहार के नए मुख्यमंत्री का नाम?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्यसभा के सदस्य बन गए हैं और बहुत ही जल्द उनकी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी हो जाएगा। यह तय माना जा रहा है कि अब बिहार में बीजेपी अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। एनडीए के नए सीएम को लेकर अब खबरें है कि 14 अप्रैल को राज्य के नए सीएम के नाम का ऐलान हो सकता है। इससे पहले सीएम आवास से नीतीश कुमार का सामान भी उनके नए पते पर शिफ्ट किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर।
