बिहार : मनमानी करने वाले शिक्षण संस्थानों को राज्यपाल लालजी टंडन ने दी धमकी, कहा- लगवा देंगे ताला

बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन ने शुक्रवार को कुलपतियों की बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नियम और प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले उच्च शिक्षा के निजी संस्थानों में ताला लग जाना ही बेहतर होगा।

बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन।

पटना. बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन ने शुक्रवार को कुलपतियों की बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नियम और प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले उच्च शिक्षा के निजी संस्थानों में ताला लग जाना ही बेहतर होगा। साथ ही, राजभवन के आदेश का पालन और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं करने वाले विश्वविद्यालयों पर कार्रवाई करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय प्रशासन शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई पूरा कराएं और समय पर परीक्षा लेकर रिजल्ट प्रकाशित करें। पूर्व से सभी लंबित परीक्षा तुरंत आयोजित कर परीक्षाफल प्रकाशित करें।

अगले सत्र से यूएमआईएस लागू होगा
राज्यपाल ने कहा कि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (यूएमआईएस) का क्रियान्वयन अगले सत्र से होगा। इसके लिए सभी विश्विविद्यालय जनवरी तक एजेंसी तय करें। यूएसआईएस क्रियान्वयन के लिए शिक्षा विभाग ने 10 लाख रुपए दिए हैं। राज्यपाल ने कहा कि जब सरकार नियमित वेतन और सेवांत लाभ के लिए फंड दे दिया है तो भुगतान में देरी नहीं होनी चाहिए। पेंशन अदालत लगाकर सेवांत लाभ के मामले निपटाएं। बीएड पोस्ट एप्स पर अपडेट तस्वीरों का परीक्षण लगातार हो। बीएड कॉलेजों में शिक्षण और उपस्थिति का निरीक्षण लगातार किया जाए। राज्यपाल ने बायोमैट्रिक सिस्टम जनवरी 2019 तक शेष सभी शिक्षण संस्थानों में लागू करने को कहा। राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस के जरिये खरीदारी के निर्देश दिए।

समय सीमा में पूरी हों योजनाएं
राज्यपाल सचिवालय में नवनियुक्त सलाहकार (उच्च शिक्षा) अर्थशास्त्री प्रोफेसर आरसी सोबती ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के सुधार प्रयासों को और अधिक तेज करना होगा। योजनाओं का कार्यान्वयन समय सीमा के भीतर पूरा करना होगा।

 

बीपीएससी से तय पात्रता पर गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति
राज्यपाल ने कहा कि सभी वीसी संस्थानों व कोर्स की मान्यता के प्रस्ताव हर हाल में 15 जनवरी 2019 तक राज्य सरकार को भेज दें। विश्वविद्यालयों को यह देखना है कि मान्यता प्राप्ति के लिए अनुशंसित कॉलेज निर्धारित मानक पर खरा उतर रहे हैं या नहीं। विश्वविद्यालयों को आरक्षण नियमों और बीपीएससी द्वारा निर्धारित पात्रता के अनुरूप गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति जल्द कर लेना चाहिए, ताकि पढ़ाई बाधित नहीं हो।

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