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बिहार: पूर्व सांसद लवली आनंद कांग्रेस में शामिल, शिवहर से लड़ सकती हैं चुनाव

पूर्व सांसद व जदयू के बाहुबली नेता आनंद मोहन सिंह की पत्नी लवली आनंद आज (शुक्रवार) कांग्रेस में शामिल हो गईं।

पूर्व सांसद लवली आनंद फोटो सोर्स- फेसबुक

पूर्व सांसद व जदयू के बाहुबली नेता आनंद मोहन सिंह की पत्नी लवली आनंद आज (शुक्रवार) कांग्रेस में शामिल हो गईं। पटना के सदाकत आश्रम स्थित कांग्रेस कार्यालय में लवली आनंद अपने बेटे चेतन आनंद के साथ दोपहर को पहुंचीं। वहां बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्तिसिंह गोहिल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलवायी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनके पार्टी में आने से कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। माना जा रहा है कि शिवहर लोकसभा सीट पर अपनी दावेदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा है। बताया जाता है कि लवली आनंद समेत कुछ औरनेता के कांग्रेस में शामिल होने की अफवाहों के मद्देनजर राजद और कांग्रेस में मतभेद बढ़ा है। ऐसे में अब राजद का रुख क्या होता है, यह देखने वाली बात होगी।

लवली आनंद का सियासी करियर: लवली आनंद सांसद के साथ ही विधायक भी रह चुकी हैं। उन्होंने अपना सियासी करियर अपने पति आनंद मोहन सिंह की नवगठित पार्टी बिहार पीपुल्स पार्टी से शुरू किया था। 1994 में वैशाली संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने हैवीवेट नेता व पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिन्हा की पत्नी किशोरी सिन्हा को हराया था। लवली आनंद ने अपना राजनीतिक सफर बिहार पीपुल्स पार्टी से जरूर शुरू किया था, लेकिन बाद के दिनों में उन्होंने कई पार्टियां बदलीं।

वर्ष 2014 के आम चुनाव से पहले वह कांग्रेस में थीं, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया, तो उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट पर चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उनकी हार हुई। इससे पहले उन्होंने बिहार पीपुल्स पार्टी के टिकट पर वर्ष 1994 के उपचुनाव में वैशाली की सांसद रहीं किशोरी सिन्हा को हराया था, लेकिन बाद में इस सीट पर हुए चुनावों में वह जीत दोहरा नहीं सकीं। वर्ष 2015 में वह जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) से भी जुड़ी थीं।

क्यों चाहती हैं शिवहर सीट से लड़ना: शिवहर लोकसभा सीट को 1953 तक मुजफ्फरपुर उत्तर-पश्चिमी सीट कहा जाता था। बाद में इसे पुपरी सीट में शामिल हुआ और 80 के दशक में शिवहर लोकसभा सीट बना। पारंपरिक तौर पर यह सीट कांग्रेस के कब्जे में रही। सन् 1957 से लेकर 1984 के चुनाव तक इस सीट से कांग्रेस जीतती रही सिर्फ 1977 के चुनाव को छोड़ कर। 1996 में समता पार्टी के टिकट पर आनंद मोहन सिंह ने इस सीट पर जीत दर्ज की। इसके बाद 1998 में ऑल इंडिया राष्ट्रीय जनता पार्टी के टिकट में उन्होंने दोबारा इस सीट से जीत हासिल की।

लवली आनंद का कहना है कि शिवहर सीट पर कभी उनके पति ने जीत दर्ज की थी, इसलिए उन्हें इसी सीट से लड़ना चाहिए। हालांकि, शिवहर सीट पर पिछले चुनावों में पड़ी वोटिंग के आंकड़े बताते हैं कि लवली आनंद का यहां के वोटरों पर बहुत पकड़ नहीं है। वर्ष 2014 के चुनाव में उन्हें महज 5.46 प्रतिशत वोट मिले थे। वह चौथे स्थान पर थीं।

हत्या के मामले में जेल में हैं आनंद मोहन: लवली आनंद के पति आनंद मोहन सिंह गोपालगंज के डीएम रहे जी कृष्णैया की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। लवली आनंद का हना है कि साजिश के तहत उन्हें फंसाया गया है। आनंद मोहन सिंह स्वाधीनता सेनानी के परिवार से आते हैं और जेपी आंदोलन से जुड़े हुए थे। आनंद मोहन सिंह ने 1990 में जनता दल के टिकट पर विधानसभा का चुनाव जीता था। इसके बाद दो बार लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की।

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