बाढ़ से बिहार के 16 जिलों की 75 लाख आबादी प्रभावित, देशभर से स्वयंसेवी संस्थाओं ने बढ़ाए मदद के हाथ

स्वैच्छिक संस्थाओं ने भी इस विपदा में मदद के हाथ बढ़ाए हैं, नई दिल्ली के ‘युग संस्कृति न्यास’ नाम की संस्था ने भी बिहार बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दो ट्रकों में राहत सामग्री भरकर भेजा है।

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बिहार के 38 में से 16 जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। (फोटो- PTI)

बिहार में बाढ़ और कोरोना की दोहरी मार पड़ी है। राज्य में जहां 75 हजार से ज्यादा संक्रमित हैं, वहीं 38 में से 16 जिलों के 125 प्रखंड के लोग बाढ़ से हाहाकार कर रहे हैं। राज्य के 1223 पंचायतों के करीब 75 लाख लोग इस समय बाढ़ से जार-जार हो रहे हैं। उनके सामने खाने-पीने से लेकर पीने तक के पानी की समस्या आ खड़ी हुई है। घरों में बाढ़ का पानी घुस जाने की वजह से तटबंधों और ऊंची सड़कों, पुल पुलियों पर लोग जीवन काटने को मजबूर हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग की निगरानी में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव एवं राहत कार्य में लगी हुई हैं। अब तक करीब पांच लाख आठ हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है। बाढ़ पीड़ितों को प्रतिदिन भोजन मुहैया कराने के लिए विभिन्न जिलों में 1342 सामुदायिक किचेन चलाए जा रहे हैं। यहां पर प्रतिदिन नौ लाख 87 हजार लोगों को भोजन कराया जा रहा है। बाढ़ की विभीषिका के मद्देनजर राज्य सरकार की तरफ से चलाए जा रहे बचाव एवं राहत कार्य काफी नहीं है।

इस बीच कई स्वैच्छिक संस्थाओं ने भी इस विपदा में मदद के हाथ बढ़ाए हैं। नई दिल्ली के ‘युग संस्कृति न्यास’ नाम की संस्था ने भी बिहार बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दो ट्रकों में राहत सामग्री भरकर भेजा है। ये ट्रक दिल्ली से चलकर बिहार स्थित संस्था के चार प्रमुख केंद्रों मोतिहारी, दरभंगा, पूर्णिया एवं मुजफ्फरपुर पहुंचेगी। वहां से राहत सामग्री सभी बाढ़ प्रभावित जिलों तक पहुंचाई जाएगी। राहत सामग्री में चिउड़ा-पोहा, गुड़, भुना हुआ चना, बिस्किट, मोमबत्ती, माचिस, ओआरएस, मॉर्टिन, पानी साफ करने वाला टैबलेट, सैनिटरी नैपकिन, मास्क, साबुन, मच्छरदानी, चप्पल, आदि सामग्री शामिल हैं।

संस्था के संचालक आचार्य धर्मवीर एवं एनडीआरएफ के पूर्व डीजी संजय कुमार ने हरी झंडी दिखा कर बाढ़ राहत के ट्रकों को रवाना किया। इस दौरान संस्था के ट्रस्टी अमरेंद्र कुमार, अमित रॉय, विकास मणि, डॉ रजनीश, जे के अग्रवाल समेत संस्था के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। इस मौके पर आचार्य धर्मवीर ने बाढ़ प्रभावित जिलों में संस्था के स्वयंसेवकों से मदद का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि वो बाढ़ प्रभावित जिलों के डीएम-एसपी से संपर्क में हैं ताकि वहां और राहत सामग्री भेजी जा सके। संस्था अगले दो हफ्तों में 10 से 12 ट्रक और राहत सामग्री भेजेगी।

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युग संस्कृति न्यास के संचालक आचार्य धर्मवीर, एनडीआरएफ के पूर्व डीजी संजय कुमार, विकास मणि ने हरी झंडी दिखा कर बाढ़ राहत के ट्रकों को रवाना किया।

नेपाल में बारिश थमने के बावजूद उत्तर बिहार के जिलों में संकट जारी है। इधर, बागमती व बूढ़ी गंडक के अलावा कमला व अधवारा समूह की नदियों का जलस्तर कुछ जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। मुजफ्फरपुर के औराई, कटरा व गायघाट प्रखंड में पानी कम हुआ है, लेकिन अभी पूरी तरह इलाके से उतरा नहीं है। बूढ़ी गंडक के पानी से टूटे तिरहुत नहर का पानी अब भी गांवों में घुसा हुआ है।

उधर, दरभंगा में बागमती में पानी खतरे के निशान के ऊपर बह रहा है। अधवारा व कमला नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। जिले के पश्चिमी इलाके के मोहल्लों में अब भी पानी भरा है और लोगों को आने जाने में कठिनाई हो रही है। उधर, मोतिहारी में बूढ़ी गंडक का जलस्तर अब भी बढ़ ही रहा है। जबकि गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। वाल्मीकिनगर बराज से गंडक में शनिवार को 1.51 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

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