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बिहार: डेढ़ लाख बाढ़ विस्थापितों का पेट भरने के लिए मात्र 20 चूल्हे, नीतीश सरकार के सामुदायिक किचन की खुली पोल

कांटी प्रखंड में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए एनएच 57 पर सामुदायिक किचन की शुरुआत की गई। इस प्रखंड के बोचहा में बूढ़ी गंडक के भारी तबाही मचाने के बावजूद यहां अब तक सामुदायिक किचन नहीं शुरू हो पाया है।

Bihar flood, community kitchen, CM Nitish Kumar,बिहार में बाढ़ से करीब 10 लाख लोग प्रभावित हैं। (फोटोः पीटीआई)

बिहार में बाढ़ के बाद लोगों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में बाढ़ की वजह से करीब 10 लाख लोग प्रभावित हैं। वहीं, सरकारी इंतजाम को लेकर लोगों को गुस्सा देखने को मिल रहा है। स्थिति यह है कि मुजफ्फरपुर में बाढ़ से प्रभावित करीब 1.50 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए महज 20 सरकारी चूल्हे चले।

हालांकि प्रशासन की तरफ से 26 सामुदायिक किचन शुरू करने की बात कही गई थी। कांटी प्रखंड में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए एनएच 57 पर सामुदायिक किचन की शुरुआत की गई। इस प्रखंड के बोचहा में बूढ़ी गंडक के भारी तबाही मचाने के बावजूद यहां अब तक सामुदायिक किचन नहीं शुरू हो पाया है। बूढ़ी गंडक और पुरानी बागमती के विकराल रूप से पूरा प्रखंड बाढ़ की चपेट में हैं।

इस बीच यहां के जिला अंचल अधिकारी छुट्टी पर चले गए हैं। इस वजह से यहां की राहत व बचाव की व्यवस्था चरमरा गई है। डीएम ने प्रखंड विकास अधिकारी को ही सीओ का चार्ज दिया है। इस संबंध में आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों की सूचना के बाद वहां राहत पहुंचाई जा रही है। जहां लोगों का खाना बनना बंद हो गया है वहां सामुदायिक किचन शुरू किया गया है। सामुदायिक किचन से संबंधित रिपोर्ट आने के बाद ही कुल संख्या के बारे में जानकारी मिल पाएगी।

इससे पहले बिहार में बाढ़ प्रभावित उत्तरी जिलों में राहत सामग्री हेलीकॉप्टर की मदद से लोगों के बीच गिराया गया है। करीब 10 लाख लोग यहां बाढ़ की वजह से प्रभावित हैं। शनिवार को किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। राहत पैकेट में ढाई किलोग्राम चावल, एक किलोग्राम चना, 500 ग्राम गुड़, माचिस और एक मोमबत्ती का पैकेट है। बाढ़ प्रभावित परिवारों की पहचान के बाद राज्य सरकार उन्हें छह-छह हजार रुपये की सहायता राशि भी मुहैया कराएगी।

बुलेटिन के अनुसार 10 जिलों के 10.61 लाख लोग प्रभावित हैं। अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ की 13 और एसडीआरएफ की आठ टीमें लोगों के बचाव अभियान में शामिल है। बाढ़ प्रभावित जिलों में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज और खगड़िया शामिल हैं।

बागमती, बूढ़ी गंडक, कमलाबलान, लालबकैया, अधवारा, खिरोई, महानंदा और घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सुगौली-नरकटियागंज के बीच बाढ़ के पानी की वजह से ट्रेन सेवा निलंबित कर दी गई है।

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