बिहार के पूर्व CM जीतनराम मांझी बोले, बिहारियों को सौंप दें कश्मीर, 15 दिन में सुधार देंगे

कश्मीर में गैर कश्मीरियों की हत्या का सिलसिला जारी है। आंतकियों की टारगेट किलिंग पर राज्य पुलिस ने प्रवासी मजदूरों और गैर कश्मीरी को नजदीकी पुलिस और सेना के कैंपों रखने का फैसला किया है।

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बिहारियों को सौंप दें कश्मीर- जीतन राम मांझी (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर में जारी बाहरी लोगों के खिलाफ आतकी हमलों को लेकर अब राजनीति गलियारों में भी सरगर्मी बढ़ने लगी है। कश्मीर में बिहार के मजदूरों की हत्या के बाद बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने ट्वीट कर पीएम मोदी से कश्मीर को बिहारियों को सौंपने की मांग की है।

मांझी ने ये मांग करते हुए ट्वीट कर कहा- कश्मीर में लगातार हमारे निहत्थे बिहारी भाईयों की हत्या की जा रही है। जिससे मन व्यथित है। अगर हालात में बदलाव नहीं हो पा रहा तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी से आग्रह है, कश्मीर को सुधारने की जिम्मेदारी हम बिहारियों पर छोड़ दीजिए। 15 दिन में सुधार नहीं दिया तो कहिएगा”।

मांझी के इस ट्वीट पर लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है। हालांकि कुछ यूजर्स ने मांझी पर तंज भी कस दिया। ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए @Shivraj45581604 ने लिखा- बात मैं दम है, अब समय आ गया है, हम सब को एक होकर समाधान निकलने की। जय हिन्द…

वहीं @sandilyamit ने लिखा- माननीय मांझी जी बिहार में पलायन की समस्या ही बिहारियों की दर्दनाक मौत का कारण है। अगर सरकार रोजगार नहीं देगी तो ऐसे ही बिहारी अकारण काल के गाल में समाते रहेंगे। एक छोटा उदाहरण बिहार के पढ़े लिखे सांख्यिकी स्वयंसेवकों का है, आपके लाख आश्वासन के बावजूद ये अबतक बेरोजगार हैं।

यूजर @Prashan75635009 ने लिखा- कुछ बोलते लाज नहीं लगता है आपको। 16 साल में कुछ सुधरा नहीं और गाल बजाने लगते हैं। आखिर बिहारियों को रोजगार के लिए बाहर क्यों जाना पड़ता है। पहले इसका जवाब दे दीजिये। तथाकथित विकासपुरुष की नजर में जान की कीमत 2 लाख है। निर्लज्ज हैं आपलोग।

दरअसल कश्मीर में आंतकियों के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई की बाद से आतंकी बौखलाए हुए हैं। आतंकियों ने इस बार कश्मीर में अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए सेना के साथ-साथ अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों को अपने निशाने पर ले लिया है। पिछले कई दिनों में आतंकी वारदातों में कश्मीरी पंडित, सिख समुदाय और प्रवासी मजदूरों की जानें जा चुकी है।

जिन प्रवासी मजदूरों की हत्या आंतकियों ने की है उसमें से ज्यादातर बिहार के हैं। रविवार को भी आतंकी ने दो गैर कश्मीरी लोगों की हत्या कर दी थी। जिसमें से एक यूपी और एक बिहार के रहने वाले थे।

आतंकियों ने श्रीनगर के ईदगाह इलाके में बिहार के एक हॉकर को गोली मार दी थी। दूसरी घटना में आतंकियों ने शनिवार को ही पुलवामा में सगीर अहमद नाम के शख्स को गोली मारकर हत्या कर दी। यूपी का रहने वाला सगीर कारपेंटर का काम करते थे। कश्मीर में 2 अक्टूबर के बाद से अब तक आतंकी 8 नागरिकों को मार चुके हैं।

मांझी से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बिहार के मजदूरों की हत्या पर चिंता जताते हुए जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल से फोन पर बात की थी। इसके बाद सीएम में मारे के मजदूरों के परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपये की घोषणा भी की थी।

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