बिहार के नवादा जिले में हाथियों के झुंड ने मंगलवार रात जमकर उत्पात मचाया। रजौली थाना क्षेत्र की हरदिया पंचायत के सूअरलेटी गांव में एक 30 वर्षीय युवक को हाथी ने कुचलकर मार डाला। घटना रात करीब 11 बजकर 40 मिनट पर हुई। मृतक की पहचान बागड़ी भुइया के पुत्र सनोज भुइया के रूप में हुई है।

हाथियों ने गांव में घर के बाहर बंधी तीन भैंसों को भी मार डाला। रजौली वन क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हाथियों का झुंड उत्पात मचा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण यह जानलेवा घटना हुई।

ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के लगातार तांडव की सूचना वन विभाग को कई दिन पहले दी गई थी, लेकिन विभाग ने समय पर कोई कदम नहीं उठाया। उनका आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी मीडिया रिपोर्टिंग के बाद ही सक्रिय होते हैं, जबकि ग्रामीणों की सूचना को गंभीरता से नहीं लिया जाता।

लगभग दो दर्जन से अधिक हाथियों का यह झुंड अब कौवाकोल पहुंच गया है और कई फसलों को नष्ट कर चुका है। वर्तमान में ये हाथी नावाडीह के जंगल में उत्पात मचा रहे हैं। वन विभाग ने ड्रोन से हाथियों पर नजर रखने की बात कही है। हाथियों के इस आतंक से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

पुजारी की कुचल कर की हत्या

गौरतलब है सिमटते वन क्षेत्र के कारण ह्यूमन वाइल्डलाइफ एनकाउंटर की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। इसी साल फरवरी माह में उत्तर प्रदेश के कतर्नियाघाट जंगल के अंदर हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया था। जंगली जानवरों ने 80 साल के पुजारी सुरेश दास जो घर लौटने के बजाय उस रात के लिए एक अस्थायी शेल्टर में रुके थे की कुचल कर हत्या कर दी। दरअसल, लगभग 30 हाथियों के झुंड ने उक्त शेल्टर पर हमला कर दिया, जिससे शेल्टर तबाह हो गया। साथ ही पुजारी की भी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…