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..तो जीतनराम मांझी भी मारेंगे पलटी? सीएम नीतीश से की देर रात मुलाकात, 50 मिनट तक हुई बात

आरजेडी की तरफ से कहा गया था कि जिसकी जितनी हैसियत होगी उसे उतनी ही सीट मिलेगी। लेकिन लगता है राजद की यह नसीहत मांझी को कुछ खास पसंद नहीं आई।

हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी और बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार। (indian express)

बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। इस मुद्दे पर हाल ही में जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा और लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली थी। आरजेडी की तरफ से कहा गया था कि जिसकी जितनी हैसियत होगी उसे उतनी ही सीट मिलेगी। लेकिन लगता है राजद की यह नसीहत मांझी को कुछ खास पसंद नहीं आई। सीट बंटवारे के मुद्दे पर नाराज माने जा रहे मांझी मंगलवार (17 मार्च, 2020) की रात अपने पुराने दोस्त से दुश्मन बने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे।

मांझी मंगलवार रात अचानक मांझी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे जहां दोनों के बीच करीब 50 मिनट बातें हुईं। मांझी इन दिनों महागठबंधन में समन्वय समिति नहीं बनने से नाराज चल रहे हैं। इस कारण इस मुलाकात के बाद तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। दोनों के बीच क्या बातें हुई इस बात का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि मांझी ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की है। लेकिन उन्होंने भी यह नहीं बताया कि दोनों के बीच क्या बात हुई है। हालांकि रिजवान ने यह भी स्वीकार किया कि जब दो राजनेता मिलते हैं तो राजनीति की बात तो होती ही है।

बता दें मांझी ने सीटों के बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर हमला बोला है। मांझी ने कहा कि आरजेडी महागठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में जरूर है, लेकिन वह बड़े भाई की भूमिका निभा नहीं पा रहा है। ऐसी ही स्थिति रही तो महागठबंधन के घटक दल मार्च के बाद कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। मांझी के इस बयान पर आरजेडी ने पलटवार किया था। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा था कि जिनकी जितनी हैसियत होगी उनको उसी के हिसाब से सीटें दी जाएंगी। मांझी कही और से गाइड हो रहे हैं, प्रेशर पॉलिटिक्स ना करें।

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